"मारे गये गुलफाम" कहानी में हिरामन नामक गाड़ीवान की यात्रा और संघर्ष को दर्शाया गया है। वह पिछले बीस वर्षों से बैलगाड़ी चलाता आया है, नेपाल से सामान लाने और चोरबाजारी के धंधे में शामिल रहा है। कहानी में एक घटना का वर्णन है जब उसकी गाड़ी को पुलिस ने रोका और एक मुनीम उसके बीच छिपा हुआ था। दारोगा की कड़क आवाज और रोशनी के डर के बीच, हिरामन अपनी स्थिति का सामना करता है। वह जानता है कि यह एक जोखिम भरा समय है और उसके अनुभव उसे इस स्थिति से निपटने में मदद करते हैं। कहानी में पुलिस की भ्रष्टाचार और गाड़ीवानों के बीच की जटिलता को भी दर्शाया गया है। हिरामन की कहानी उस समय की सामाजिक और आर्थिक स्थितियों का एक प्रतिबिंब है, जिसमें संघर्ष और जीविका के लिए जद्दोजहद की जाती है। मारे गये गुलफाम Phanishwar Nath Renu द्वारा हिंदी लघुकथा 55k 14.7k Downloads 61.8k Views Writen by Phanishwar Nath Renu Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मारे गये गुलफाम एक कहानी है जिसके रचायिता फणीश्वर नाथ रेणु हैं। इसपर हिन्दी में एक फिल्म तीसरी कसम बनाई गई है More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी