आरती अपने माता-पिता से मिलने पूना जा रही थी, लेकिन ऋषभ को छुट्टी नहीं मिली, इसलिए वह अकेली यात्रा कर रही थी। स्टेशन पर ऋषभ ने उसे विदाई दी, और ट्रेन के चलते ही वह उसे छोड़ने लगा। अचानक, ट्रेन एक दुर्घटना का शिकार हो गई और आरती बेहोश हो गई। जब ऋषभ घटनास्थल पर पहुंचा, तो उसे पता चला कि आरती के माता-पिता उसे बेहोशी की हालत में ले गए थे। ऋषभ ने आरती की खोज शुरू की, लेकिन उसके माता-पिता ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि आरती का नाम बदलकर उसे एक अन्य परिवार ने अपने साथ ले लिया था। ऋषभ ने आरती की तस्वीरें अखबारों और टीवी पर दी, लेकिन उसकी कोई खबर नहीं मिली। आरती की तलाश में ऋषभ ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। और वो शहीद हो गयी Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 56.9k 1.8k Downloads 5.9k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आरती के मन में अब एक बलिदान की भावना भर गयी थी जिससे उसके अंदर का भाय समाप्त हो गया था अतः वह वहाँ से बाहर निकाल आई। बाहर बैठे पान वाले और उसके दो आदमियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन ........ More Likes This ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी