यह कहानी एक काल्पनिक लेखक की है, जो बड़े सपने देखने वाली एक महिला है। वह अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रसिद्धि और यश की आकांक्षा रखती है। अपने सपनों का बोझ उसने अपनी किताब 'मेरा गगन' पर डाला, जो उसे भारी लगने लगा। उसने एक ब्लॉग शुरू किया, सोचते हुए कि इससे उसे काफी प्रशंसा मिलेगी, लेकिन लंबे समय तक कोई ध्यान नहीं मिला। अंततः, उसने वास्तविक दुनिया में अपनी रचनाएँ साझा करने का निर्णय लिया। कहानी में लेखक की संघर्ष और उसके सपनों की खोज को दर्शाया गया है। मेरा गगन Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 1.6k 1.5k Downloads 5.8k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अक्सर हर लेखक पाठक और प्रशंसा का भूखा होता है। वह लिखता ही इसलिए है कि कोई उसे पढ़े और पढ़कर उसके कौशल की प्रशंसा करे। मगर जब लाख कोशिशों के बाद भी कोई न पढ़े तो क्या हाल होता है More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी