"एक आदिम रात्रि की महक" कहानी में करमा नामक व्यक्ति नए मकान में रहने के दौरान नींद न आने की समस्या का सामना कर रहा है। उसे चूने और वार्निश की गंध के कारण सिरदर्द महसूस हो रहा है। बाबू, जो उसके साथ है, भी नई जगह में नींद न आने की बात करता है। करमा यह जानना चाहता है कि क्या बाबू को भी चूने की गंध महसूस होती है। कहानी में एक कुत्ता भी आता है, जो बाबू की खटिया के पास जाकर सूंघता है। बाबू करमा से उसका नाम पूछते हैं, और करमा बताता है कि उसके नाम के कई रूप हैं, और लोग उसे अलग-अलग नामों से बुलाते हैं। अंत में, बाबू करमा से उसके घर का स्थान पूछते हैं, जिससे उनके बीच में और बातचीत शुरू होती है। कहानी में नींद, घर और पहचान की थीम्स पर जोर दिया गया है। एक आदिम रात्रि की महक Phanishwar Nath Renu द्वारा हिंदी लघुकथा 45k 9.4k Downloads 55.6k Views Writen by Phanishwar Nath Renu Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक आदिम रात्रि की महक (फणीश्वरनाथ रेणु) फणीश्वर नाथ रेणु की छोटी कहानियों के संग्रहो मे से प्रमुख रचना है और इस कहानी का नाम है ’आदिम रात्री की महक’। यह मानव करुणा का एक बढ़िया उदाहरण है और हम जिस जगह में रहते हैं तथा अपने आसपास लोगो जानवरो तथा चीजो से से जो लगाव और बंधन हमारे जीवन मे विकसीत होता है। उसे बड़े बारीक तरीके से इस कहानी मे उकेरा गया है। रेणु यह कहना चाहता है कि प्रेम की भावना एक व्यक्ति (इंसान) की एकमात्र आंतरिक गुणवत्ता है जो वह उनके साथ करती है और इस प्रकार यह गुण केवल एक प्राचीन रात्रि की सुगंध के रूप में कहा जा सकता है। एक व्यक्ति के जीवन के हर रूप में प्रेम की यह चेतना मौजूद है कि क्या वह एक समृद्ध समुदाय से संबंधित है या वह गरीब है, जिसका घर है जहां उसका शरीर है। हर व्यक्ति में मौजूद प्रेम की भावना उसके विशालता में समान है यह केवल उस प्रेम की अभिव्यक्ति है जो हर व्यक्ति में अलग है यह एक अनाथ लड़के की प्रेम कहानी है जो रेलवे बाबुओं (अधिकारियों) की सेवा में बड़ा हुआ। वह लड़का जिसे किसी के द्वारा कभी प्यार नहीं किया गया था, लेकिन वह हर किसी से और उसके चारों ओर सब कुछ प्यार करता था रेलवे स्टेशन उसका जीवन था। रेलवे पटरियों और उनके संकेत कर्मा (लड़के के नाम) रक्त में हैं वह उस दिन से एक दिन दूर नहीं रह सकता। वह बचपन से ही एक रेलवे स्टेशन से दूसरे रेलवे स्थान पर बाबु के साथ स्थानांतरण करता रहता है। लेकिन समय आ गया है कि अब उसे अपनी यात्रा बंद करने का फैसला करना है क्योंकि उसे एक लड़की से प्यार हो जाता है किंतु यात्रा से उसका लगाव इतना मजबूत है की वो फैसला नही कर पा रहा। उसे अकसर रात्री को एक महक आगोश मे ले लेती है जिसे वो आदिम रात्री की महक कहता है उसे अब उस जगह से प्यार हो गया था और आखिरकार जब वो अपने रेलवे बाबू के साथ ट्रेन मे बैठ जाता है तो उसे एक खास गंध उसे रोकने लगती है और वो चलती ट्रेन से उतर जाता है। More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी