शहर के किनारे एक छोटी बस्ती में एक मन्दिर था, जिसका उपयोग केवल त्योहारों पर होता था। बस्ती में एक बुढिया आई, जिसने धीरे-धीरे मन्दिर की पूजा करने की आदत बना ली। बुढिया ने मन्दिर में घण्टा और अन्य पूजा सामग्री जुटाई, जिससे वहाँ पूजा का माहौल बनने लगा। बुढिया की पूजा से बस्ती में कुछ बदलाव आया, लेकिन साथ ही एक नया किरायेदार बादल अपनी पत्नी, भाई और भाभी के साथ बस्ती में आया। उनके बीच लगातार झगड़े होते थे, जो रात तक चलते थे। इस कहानी में बुढिया की भक्ति और बस्ती में आये नए किरायेदारों के तनाव को दिखाया गया है। ईश्वर भक्त Dharm द्वारा हिंदी लघुकथा 7.4k 3.5k Downloads 23k Views Writen by Dharm Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ईश्वर भक्त कहानी दो ऐसे भक्तों की कहानी है जो भगवान को अपने अपने तरीके से पूजते हैं. लेकिन दोनों की पूजा विधि को लेकर एकदूसरे से आपत्ति भी है. इसकी वजह से उनमें आपसी तकरार भी होती है. लेकिन फिर दोनों सम्हल भी जाते हैं. More Likes This अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी