कहानी एक संकट में फंसी कंपनी की है, जिसकी स्थिति बहुत खराब है और कर्मचारियों का वेतन भी बैंक से कर्ज लेकर दिया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी कंपनी के नहीं हैं और केवल अपना लाभ देख रहे हैं। हालांकि, कुछ कर्मचारी और छोटे अधिकारी, जैसे नारद जी और नामी जी, कंपनी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। नारद जी सुबह जल्दी ऑफिस पहुंचते हैं, खुद सफाई करते हैं, और भगवानों की पूजा करके कंपनी की भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं। वे मंदिर में धूप जलाते हैं और पूरे ऑफिस की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद, वे फाइलों को उठाते हैं लेकिन उन्हें पढ़ते नहीं, केवल उन्हें एक जगह से दूसरी जगह रखते हैं। इस तरह, कहानी यह दर्शाती है कि कुछ लोग मुश्किल समय में भी कंपनी के लिए मेहनत कर रहे हैं। भरसक प्रयास Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 43.1k 2.4k Downloads 9.8k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बहुत से कर्मचारी एवं अधिकारी अपनी कंपनी को बचाने का भरसक प्रयास करते हैं और उनका पूरा दिन इसी प्रयास में निकल जाता है, उनके पास काम करने का तो समय ही नहीं बचता। अब तो बस यह भगवान के ऊपर निर्भर करता है कि वह इन लोगों की विनती सुन ले और हो सकता है उनकी कंपनी बच जाए। More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी