राजशेखर एक सामाजिक आयोजन में अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ उपस्थित हैं, जहाँ प्रेम और भावनाओं की चर्चा हो रही है। वे आत्मविश्वास से भरे हैं, लेकिन उनकी बातें गंभीरता के बजाय हल्की मस्ती में लिपटी हुई हैं। आयोजन में उनकी पत्नी और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि राजशेखर अपनी सिगरेट पीते हुए समाज के नियमों पर अपनी राय व्यक्त करते हैं। एक लड़की, जो छबीलदास की बेटी है, पानी का गिलास लेकर आती है और राजशेखर उसकी ओर ध्यान से देखते हैं। उनकी नजरें और बातचीत यह दर्शाती हैं कि वह लड़की उनके लिए किसी खास आकर्षण का कारण बन रही है। अन्य लोग उसकी मेहनत और होशियारी की प्रशंसा करते हैं, जबकि राजशेखर के नजरिए में कुछ और गहराई है। कहानी में सामाजिक संबंधों और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच का द्वंद्व स्पष्ट होता है। चित्रमाला का शीर्षक Manish Kumar Singh द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 736 1.7k Downloads 7k Views Writen by Manish Kumar Singh Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण छ्ल-कपट के द्वारा स्त्री को हासिल करने वाले तथाकथित अक्लमंद लोगों का दाँव कभी-कभी उलटा पड़ जाता है। समाज के नैतिक नियमों को धता बताने वाला अंत में मुँह की खाता है। More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी