कहानी "आज की सन्तान" में एक गरीब बालक की कहानी है, जो एक ढाबे पर चाय बनाता है और अपने दोस्तों को पढ़ते हुए देखकर उनकी तरक्की की कामना करता है। उसका नाम "मुन्ना" है, जिसका वास्तविक नाम उसे नहीं पता। उसके प्रति सहानुभूति रखने वाले राम कृष्ण, जो अकेले हैं, उसे अपने साथ ले जाते हैं और उसे गोपाल नाम देते हैं। राम कृष्ण गोपाल को अपने बेटे की तरह प्यार करते हैं और उसकी शिक्षा का ध्यान रखते हैं। गोपाल आगे चलकर डॉक्टर बन जाता है। कहानी में एक भावनात्मक मोड़ तब आता है जब गोपाल अपनी पत्नी मीना के साथ राम कृष्ण के घर आता है और उनके पैर छूकर आशीर्वाद मांगता है। यह कहानी दया, प्यार और परिवार के महत्व को दर्शाती है। आज की सन्तान Sonia Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 4.7k 2.6k Downloads 8.4k Views Writen by Sonia Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी प्रतियोगिता हेतु, अक्टूबर महीने के लिए ! यह कहानी आजकल की युवा पीढ़ी का अपने माता पिता के प्रति बर्ताव दर्शाती है ! एक गरीब बच्चे को सहारा दिया और क्या मिला ............ More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी