कहानी में प्रेम की भूख और उसकी जटिलताओं का वर्णन किया गया है। एक ठंडी रात, मुख्य पात्र को उसके भाई की दीदी से सूचना मिलती है कि उसका प्रियंक ने जहर खा लिया है। यह सुनकर वह गहरी सदमे में जाती है, उसका दिल और मस्तिष्क अस्थिर हो जाते हैं। तुरंत, वह अपने परिवार को जगाती है और उन्हें इस दुखद घटना के बारे में बताती है। सभी का एक ही सवाल होता है "क्यों?" लेकिन वह इस प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाती। उनका मन चाहता है कि वह तुरंत दीदी के पास पहुँच जाएँ, लेकिन वह समझाती हैं कि यह समय भीड़ बढ़ाने का नहीं, बल्कि मदद करने का है। अंत में, वह अकेले मेरठ जाने का निर्णय लेती हैं। अंततः Dr kavita Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 4.8k 2.2k Downloads 6.2k Views Writen by Dr kavita Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी एक पूर्णतः सत्य घटना है वर्तमान समय में हमारी युवा शक्ति प्रेम की चाहत में अंधदौड़ लगाए हुए लेकिन अंत में उन्हें अपने प्रेम में सफलता मिलती है या नहीं, यह आज की परिस्थितियों पर व समाज की स्वीकृति पर निर्भर करता है अनेक युवा प्रेम के चक्कर में पड़कर आत्महत्या कर लेते हैं , परिवार को अकेला छोड़ देते हैं रोते-बिलखते , उनकी मौत का जिम्मेदार कौन है इसी विषय को लेकर इस प्रश्न को लेकर यह कहानी गढ़ी गई है More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी