इस कहानी में भैरो, जो अनपढ़ है, धनिया से इमरजेंसी के बारे में पूछता है। धनिया, जो चौथी कक्षा तक पढ़ी है, उसे बताती है कि इमरजेंसी कुछ भी हो सकती है, और वह पिछले अनुभव का जिक्र करती है जब बाढ़ आई थी और उनकी मौसी एक महीने तक उनके घर रही थी। भैरो कहता है कि इस बार अगर इमरजेंसी आई तो वह किसी को भी अपने घर नहीं रखेंगे। धनिया इस बात पर हंसती है और कहती है कि न्यूज वाले हमेशा बिपदाएं ही खड़ी करते हैं। कहानी में व्यंग्य के माध्यम से यह दिखाया गया है कि कैसे लोग समाचारों को अपने अनुभवों के आधार पर समझते हैं और कैसे अनपढ़ लोग भी समाज के मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। व्यंग्य Sangeeta Gandhi द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 12.9k 3.6k Downloads 12.9k Views Writen by Sangeeta Gandhi Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण समाज के मुद्दों पर कुछ व्यंग्य --जो सोचने पर मजबूर करने के साथ साथ गुदगुदाते भी हैं । जीवन की साधारण सी बातों ,घटनाओं को देखने का नया नजरिया देता है व्यंग्य ।ये व्यंग्य कुछ चुभता है ,कुछ कुरेदता है ।पढ़िए और सोचिए । More Likes This नामुमकिन इश्क - एपिसोड 47 द्वारा kajal jha थ्योरी ऑफ वन शू: रात, रिस्क और स्प्लेंडर - 1 द्वारा Shivam Dhuriya गुप्त ख़ज़ाना द्वारा Shivam Dhuriya तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी