इस कहानी का सार यह है कि "धर्मो रक्षति रक्षितः" का अर्थ है कि यदि आप धर्म की रक्षा करते हैं, तो धर्म आपकी रक्षा करेगा। धर्म का महत्व इस सृष्टि और मानव जीवन के लिए अत्यधिक है। धर्म के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है, और यह मानवता के नैतिक गुणों का आधार है। हिन्दू धर्म के अनुसार, परोपकार, स्त्री का सम्मान, पर्यावरण की रक्षा, समता और जीवों की सेवा जैसे मूल्य महत्वपूर्ण हैं। धर्म का सही समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे मानवता के नैतिक और मानवीय गुणों का विकास होता है। असली मनुष्य वह है जो इन गुणों का धारण करता है। धर्मो रक्षति रक्षितः Bhatt Nikunj द्वारा हिंदी पत्रिका 3.2k 8k Downloads 67.8k Views Writen by Bhatt Nikunj Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “धर्मो रक्षति रक्षितः” अर्थात :- ( तुम धर्म की रक्षा करो, धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा ) धर्म ही इस चराचर जगत एवं सम्पूर्ण जीवों के जीवन का मूल है धर्म के बिना न इस सृष्टि की कल्पना की जा सकती है और न ही मानव जीवन की धर्म के बिना ये विश्व श्रीहीन हो जायेगा जिसमें न किसी प्राणशक्ति का वास होगा न किन्हीं पुण्यविचारों का आशा करते हेकी आपको हमारा यह प्रयास पसंद आयेगा :-) More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta जब पहाड़ रो पड़े - 1 द्वारा DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR कल्पतरु - ज्ञान की छाया - 1 द्वारा संदीप सिंह (ईशू) नव कलेंडर वर्ष-2025 - भाग 1 द्वारा nand lal mani tripathi कुछ तो मिलेगा? द्वारा Ashish आओ कुछ पाए हम द्वारा Ashish अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी