कहानी में कविता और सविता की दोस्ती दिखाई गई है। कविता ने सविता की खूबसूरती की तारीफ की और उसके माथे से पसीना पोछते हुए कहा कि वह कितनी अच्छी दिखती है। सविता के बालों की एक लट उसके माथे पर पसीने के साथ चिपक गई थी, जिसे कविता ने अपने दुपट्टे से साफ किया। यह एक सरल लेकिन भावुक क्षण है, जो दोस्ती और एक-दूसरे के प्रति देखभाल को दर्शाता है। सखी Qais Jaunpuri द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 11k 4.3k Downloads 12.1k Views Writen by Qais Jaunpuri Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लेकिन हमारे समाज में एक लड़की, दूसरी लड़की के साथ कैसे रह सकती है एक लड़की को तो शादी करके एक लड़के के साथ जाना होता है. और कविता लड़की होते हुए भी ये इच्छा रखती थी कि कोई सविता को उससे दूर न करे. More Likes This इस घर में प्यार मना है - 4 द्वारा Sonam Brijwasi अनोखी प्रेम कहानी - 1 द्वारा kuldeep Singh घर से वापिसी - 1 द्वारा swati दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari अधुरी डायरी द्वारा kajal jha अदृश्य पीया - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी