"लौटने तक" कहानी पूजा और उसके पति देव बाबू के बीच के तनाव और रिश्ते की जटिलताओं को दर्शाती है। पूजा को अपने पति की आवाज अनजान लगती है, क्योंकि पिछले तीन महीनों में उसने कभी देव बाबू को इतनी जल्दी घर लौटते नहीं देखा। जब देव बाबू पूजा को कुछ लाने के लिए कहते हैं, तो पूजा को आश्चर्य होता है। देव बाबू ने एक छोटी सी शीशी लाई है, जिसमें गहरे लाल रंग का तरल है, जिसे पूजा जहर समझती है। यह घटना उनके रिश्ते की गहराई को उजागर करती है, जिसमें पूजा का अपने पति के प्रति प्यार और उसकी चिंताएं शामिल हैं। देव बाबू ने यह खुलासा किया कि वह इस घर से नफरत करता है। कहानी में भावनात्मक टकराव और संवादों के माध्यम से रिश्ते की दूरी और असहमति को बखूबी चित्रित किया गया है। लौटने तक - संपूर्ण Madhudeep द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.5k 2k Downloads 9.5k Views Writen by Madhudeep Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पूजा और उनके पति देव बाबू की एक कहानी ! पूजा को देव बाबूने रात कोई क्या लाने के लिए कहा होगा कौन मरना चाहता था, और क्यों ज़हर की शीशी का राज क्या है More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी