यह कहानी अमीर बाप की बेटी सना के बारे में है, जो अपने बाप की दौलत और महंगे खिलौनों के बावजूद खुश नहीं है। सना अपने अब्बू के साथ घूमती है, लेकिन उसे कुछ भी पसंद नहीं आता। वह अपने खिलौनों से बोर हो चुकी है और शिकायत करती है कि वे हिलते-डुलते नहीं हैं। उसके अब्बू हमेशा उसकी खुशियों का ध्यान रखते हैं और उसके लिए नए खिलौने लाते हैं, लेकिन सना हमेशा कुछ और चाहती है। वह नए खिलौनों से भी संतुष्ट नहीं होती और शिकायत करती है कि वे बिना बटन दबाए हरकत नहीं करते। कहानी यह दर्शाती है कि भले ही किसी के पास धन और सामान हो, लेकिन सच्ची खुशी का अनुभव नहीं हो सकता। अमीर बाप की बेटी Qais Jaunpuri द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 32.1k 9.8k Downloads 49.4k Views Writen by Qais Jaunpuri Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सना कुछ दिन तो ख़ुश रही, मगर फिर शिकायत करने चली आयी, “अब्बू! ये खिलौने तो और भी ख़राब हैं. जब तक बटन न दबाओ, हरकत ही नहीं करते. क्या कोई ऐसा खिलौना नहीं आता, जो बिना बटन दबाये हरकत करे ” उसके अब्बू को समझ में आ गया कि उसे कैसा खिलौना चाहिए. उन्होंने कहा, “अभी आप बहुत छोटी हैं, थोड़ी बड़ी हो जाएँ तो हम आपकी शादी कर देंगे. फिर आपका शौहर, वैसे ही हरकत करेगा, जैसे आप चाहेंगी.” More Likes This प्रेम न हाट बिकाय - भाग 1 द्वारा Pranava Bharti Maharana Pratap - Introduction द्वारा Aarushi Singh Rajput मेरा प्यार - 1 द्वारा mamta सदियों से तुम मेरी - 2 द्वारा Pooja Singh मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी