यह कहानी एक व्यक्ति की है जो कश्मीर में रह रहा है। वह सलाउद्दीन साहब को यह बताने की कोशिश कर रहा है कि वे सीमापार हैं और आज़ाद हैं। वह महसूस करता है कि वे अकेले पड़ गए हैं और इंटरनेट तथा व्हाट्सएप बंद हैं, जिससे उन्हें मदद नहीं मिल रही है। वह भारतीय सेना के खिलाफ अपनी निराशा व्यक्त करता है और सवाल करता है कि उन्हें इस स्थिति में क्यों भेजा गया। कहानी में यह भी कहा गया है कि उनके लड़के वहां हैं और उन्होंने पैसे भेजे हैं। ज़िंदा है मन्टो SHABD MASIHA द्वारा हिंदी लघुकथा 2.1k 1.6k Downloads 6.3k Views Writen by SHABD MASIHA Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण This is short story book. Part-1 already available in market for sale. Part-II is under print. The Short Stories describes about the system, society, religion , cast ism, corruption, political system and other related issues of common men . More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी