"हिंदुस्तान की कसम" एक भाषण है जो विरेन्द्र बघेल द्वारा 8 नवम्बर 2013 को दिया गया। इसमें वह ब्रह्मा की तपोभूमि का उल्लेख करते हुए अपने राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हैं, विशेषकर जब वह बीजेपी के संगठन महासचिव थे। बघेल ने कहा कि मौसम पूरे हिंदुस्तान में बदल रहा है और सत्ता में बैठे लोग संकट का सामना कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि बीजेपी फिर से दिल्ली में सत्ता में आ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग निर्दोष लोगों को जेल में डालकर वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और बीजेपी को बदनाम करने के लिए गुनहगारों को नहीं, बल्कि निर्दोषों को सजा दी जा रही है। बघेल ने कहा कि आतंकवादियों के सामने झुकने का कोई सवाल नहीं है और उन्होंने जनता से लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश आगे बढ़ेगा और आतंकवादियों की गोलियाँ उसे रोक नहीं सकतीं। मोदीजी के भाषण - हिंदुस्तान की कसम Virendra Baghel द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 3k Downloads 15.1k Views Writen by Virendra Baghel Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Modiji Ke Bhashan "Hindustan ki Kasam" More Likes This अधूरी उड़ान - 1 द्वारा priyanshi bhuva अधूरापन - 1 द्वारा Falguni Dost ज़हरीली थाली द्वारा sukhvinder Singh Rai पीछे छूटा इंसान- भाग 1 द्वारा RAVINDRA बिन माँ की रसोई द्वारा sukhvinder Singh Rai भरोसे का खून द्वारा sukhvinder Singh Rai अपनों का नकाब: खून से गहरा दर्द द्वारा sukhvinder Singh Rai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी