<html> <body> <p>भीष्म साहनी</p> <p>© COPYRIGHTS</p> <p>यह पुस्तक संबंधित लेखक और मातृभारती की कॉपीराइट सामग्री है।</p> <p>मातृभारती के पास इस पुस्तक के विशेष डिजिटल प्रकाशन अधिकार हैं।</p> <p>भौतिक या डिजिटल प्रारूप में किसी भी अवैध प्रति की सख्त मनाही है।</p> <p>मातृभारती ऐसे अवैध वितरण/प्रतियों/उपयोग के खिलाफ न्यायालय में चुनौती दे सकती है।</p> <p>प्रगतिवादी आन्दोलन 1930 के बाद उभर रहे यथार्थवादी परिणामों और परिस्थितियों को विकसित करने वाला आन्दोलन था। इस आन्दोलन ने सामाजिकता से परिपुष्ट यथार्थवादी कथा साहित्य की नींव रखी। प्रारम्भिक दौर में प्रगतिवादी साहित्य को प्रेमचन्द, पंत, निराला और उग्र से नेतृत्व मिला, लेकिन मार्क्सवादी विचारों को जनता तक पहुँचाने का पहला प्रयास राहुल सांकृत्यायन ने किया।</p> <p>भीष्म साहनी के कथा साहित्य को काल की सीमा में सीमित नहीं किया जा सकता। हिन्दी लेखन में समाजोन्मुखता की लहर नवजागरण काल से उठने लगी थी, जिसमें मार्क्सवाद ने एक नया आयाम जोड़ा। साहनी जी ने मानवतावादी दृष्टिकोण के माध्यम से इसे जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया। उनके लेखन का आधार जनता की पीड़ा है और उनका लेखन यथार्थ की ठोस जमीन पर है।</p> <p>भीष्म जी एक ऐसे साहित्यकार थे जो बात की सच्चाई और गहराई को समझते थे। वे सामाजिक विषमता और संघर्ष के बन्धनों को तोड़ने का आह्वान करते थे। उनके साहित्य में मानवीय करूणा, मूल्य और नैतिकता विद्यमान हैं।</p> <p>भीष्म साहनी का जन्म 8 अगस्त 1915 को रावलपिण्डी में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ। 1935 में उन्होंने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी में एम.ए. किया। साहनी जी ने कई उपन्यास और कहानी संग्रह रचे, जिनमें 'श्रोखेश', 'कड़ियाँ', ' भीष्म साहनी MB (Official) द्वारा हिंदी जीवनी 2.6k 5.2k Downloads 20.8k Views Writen by MB (Official) Category जीवनी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रसिध्ध बोलिवुड अदाकार बलराज सहानी के भाई होने के उपरांत भिष्म सहानी अपनेआप में एक बड़े साहित्यकार के रुपमे उभरे थे आइये पढ़ते हैं उनकी चंद कहानियां More Likes This खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा द्वारा Hind Gaurav सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 1 द्वारा Rishav raj मैं दादा-दादी की लाड़ली - 1 द्वारा sapna यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (2) द्वारा Ramesh Desai नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh अवसान विहीन अरुणेश द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी प्रेमानंद जी : राधा-कृष्ण लीला के रसिक साधक - 1 द्वारा mood Writer अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी