कहानी में एक अप्रत्याशित मध्यावधि चुनाव का ऐलान होता है, जबकि जनवरी का महीना कड़ाके की ठंड में है। लोग चिंतित हैं कि वे वोट किसे दें और ठंड में बाहर जाने का साहस कैसे करें। एक कार्यकर्ता लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश करता है और गरम कोट का इंतजाम करने की बात करता है। लोगों का कहना है कि पिछली बार कम्बल बांटे गए थे, लेकिन खुद को ठंड से बचाने के लिए उन्हें कुछ गर्म कपड़ों की जरूरत है। जब वे जीप में बैठते हैं, तो लाइन में खड़े होकर ठंड से कांपते हैं। एक व्यक्ति कार्यकर्ता से कहता है कि उसके हाथ गरम करें, तब कार्यकर्ता उसे कुछ नोट देकर हिदायत देता है। अंत में, लोग पूरी तरह से गर्म हो जाते हैं। कहानी का एक और हिस्सा एस. पी. साहब के दौरे के बारे में है, जहां थाने में भागदौड़ और तैयारियों का माहौल है। दस व्यंग्य कथाएँ bhagirath द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 6k 2.6k Downloads 10.1k Views Writen by bhagirath Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘गर्मी’ चुनाव में वोटर कोट और पैसे की गर्मी चाहता है व्यवस्था ने वोटर को भ्रष्ट कर दिया है. “दौरा” एस पी साहब का दौरा थानेदार को कितना महंगा-सस्ता पडा !जानने के लिये यह कथा अवश्य पढ़िए . ‘लाइसेंस’ शराब निरोधक समिति से ही शराब निकालने का लाइसेंस मांग लेता है .इस निजाम में ‘दाल-रोटी’ का जुगाड करने के लिये क्या कुत्ता बनना जरुरी है ‘अवसरवादी’ इस राजनैतिक व्यवस्था में अवसरवादियों की मौज है.जानता की भलाई के नाम क्या क्या नहीं करते . ‘फैसला’ कहानी न्याय व्यवस्था को निशाने पर लेती है . ‘तुम्हारे लिए’ उचित ही है कि तुम गोली कांडों का जबाब प्रदर्शन और हड़ताल से दो .लोकतंत्र तुमसे यही अपेक्षा रखता है और वह अपनी दरांतियों को तेज करने लगा . दबाब बनाकर कैसे सता हासिल की जाती है जानने के लिये पढ़िए ‘दबाब’. राजनीति में ‘विरोधी’ कौन है इसकी व्याख्या करती है यह कथा . ‘न्याय होगा’ जरा पुलिस के न्याय का भी नमूना देख लीजिए .व्यस्थाएं कितनी संवेदन हीन हो गई है ! दूसरे के दर्द में सहानुभूति तो छोडिये केवल अपना स्वार्थ साधते हैं More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी