कहानी "नाग देवता" किन्नौर जिले के बरूआ गाँव की है, जहाँ पानी की कमी थी। एक युवक के साथ विवाह करने वाली लड़की, णिग्मापोती, अपने घर से दूर नदी से पानी लाने में कठिनाई महसूस करती थी। उसकी समस्या को समझते हुए, उसके पिता ने उसे एक टोकरी दी और कहा कि उसे इसे केवल ससुराल पहुँचकर खोलना है। लेकिन उसकी उत्सुकता ने उसे टोकरी खोलने पर मजबूर कर दिया, जिससे उसमें से एक साँप का बच्चा निकला और पानी का स्रोत उत्पन्न हुआ। अब उसे पानी लाने के लिए नदी नहीं जाना पड़ता था। लेकिन गाँव की एक बुजुर्ग महिला को उसकी इस खुशहाली से ईर्ष्या हुई और उसने णिग्मापोती को बताया कि घर में पानी निकलना ठीक नहीं होता। उसने उसे सलाह दी कि उसे नाग का सिर काट देना चाहिए। कहानी यहाँ पर समाप्त होती है, जिससे आगे की घटनाओं का अनुमान लगाया जा सकता है। नाना नानी की कहानियाँ (भाग - ३) MB (Official) द्वारा हिंदी लघुकथा 3.1k 6.8k Downloads 14k Views Writen by MB (Official) Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नाना नानी की कहानियाँ (भाग - ३) - वर्षा जयरथ Novels नाना नानी की कहानियाँ नाना नानी की कहानियाँ (भाग - १) - वर्षा जयरथ More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी