कहानी "रंगभूमि" के अध्याय 18 में सोफ़िया अपने आत्मगौरव के पतन का अनुभव करती है और अपने मन पर नियंत्रण पाने का दृढ़ संकल्प करती है। वह अपने मन से क्रोधित है, क्योंकि उसे लगता है कि उसकी दुर्गति उसकी आत्मा के कारण हुई है। वह अपने मन को कुचलने और उसे अपमानित करने का निर्णय लेती है, जबकि उसे मि. क्लार्क के प्रति आत्म-समर्पण करने की इच्छा होती है। हालांकि, सोफ़िया के बाहरी सम्मान में वृद्धि होती है, और उसके घर में उसका आदर बढ़ता है। मिसेज़ सेवक उसे पहले से अधिक प्रिय मानने लगती हैं और उसके धार्मिक विचारों की सराहना करती हैं। लेकिन सोफ़िया के दिल में एक संघर्ष है, क्योंकि उसे प्रेम का दिखावा करना पड़ता है, जिससे उसे मानसिक पीड़ा होती है। वह मि. क्लार्क के प्रति आकर्षित होती है, लेकिन उनकी धार्मिक प्रवृत्ति उसे रोकती है। सोफ़िया इस द्विधा में जी रही है, जहाँ उसकी आत्मा की व्यथा और मि. क्लार्क के प्रति खिंचाव दोनों उसे आहत करते हैं। अंततः, वह अपने आंतरिक संघर्ष के चलते दुखी और अकेली महसूस करती है। रंगभूमि अध्याय 18 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.5k 3.1k Downloads 8.8k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षमता रखता है। रंगभूमि के कथानक में अनेक रंग-बिरंगे धागे लिपटे हुए हैं। उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन और साथ ही, एक ग्राम सेवक का ईसाई परिवार है, जो गांव के चारगाह पर सिगरेट का कारखाना लगाने के लिए अधीर है। अनेक धनी व्यक्ति हैं, जिनके बीच अगणित अन्तर्विरोध हैं - लोभ, ख्याति की लालसा और महत्त्वाकांक्षाएं। महाराजा हैं, उनके अत्पीड़न के लिए रजवाड़े हैं। उपन्यास का घटनाचक्र प्रबल वेग में घूमता है। कथा में वेग और नाटकीयता दोनों ही हैं। Novels रंगभूमि ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षम... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी