कहानी "रंगभूमि" के अध्याय 17 में विनयसिंह एक कारागार में छह महीने से बंद हैं। उन पर डाकुओं के इशारे देने का आरोप है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं है। अधिकारियों के अत्याचार सहते हुए, विनयसिंह को एक तंग काल-कोठरी में रखा गया है, जहाँ अंधेरा और दुर्गंध उन्हें परेशान करता है। हालांकि, वह अपनी स्थिति को सहन करते हैं और इसे अपने जाति के उद्धार के लिए एक परीक्षा मानते हैं। विनयसिंह की मानसिक स्थिति तब बिगड़ जाती है जब वह सोफ़िया की याद करते हैं, जो उनके प्रति विश्वासघात कर चुकी है। वह सोफ़िया के निर्णय को समझने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके प्रति निराशा और घृणा बढ़ती जाती है। वह सोचते हैं कि अगर एक विचारशील और सिद्धांत-प्रिय युवती जैसे सोफ़िया इस तरह का व्यवहार कर सकती है, तो अन्य महिलाओं पर विश्वास करना व्यर्थ है। उनकी इस निराशा में, वह अपने जीवन को त्यागने की भी सोचते हैं। इस प्रकार, विनयसिंह की कहानी कठिनाइयों और विश्वासघात के बीच उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को दर्शाती है। रंगभूमि अध्याय 17 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.4k 4.2k Downloads 11.3k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षमता रखता है। रंगभूमि के कथानक में अनेक रंग-बिरंगे धागे लिपटे हुए हैं। उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन और साथ ही, एक ग्राम सेवक का ईसाई परिवार है, जो गांव के चारगाह पर सिगरेट का कारखाना लगाने के लिए अधीर है। अनेक धनी व्यक्ति हैं, जिनके बीच अगणित अन्तर्विरोध हैं - लोभ, ख्याति की लालसा और महत्त्वाकांक्षाएं। महाराजा हैं, उनके अत्पीड़न के लिए रजवाड़े हैं। उपन्यास का घटनाचक्र प्रबल वेग में घूमता है। कथा में वेग और नाटकीयता दोनों ही हैं। Novels रंगभूमि ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षम... More Likes This जिनीयस - 1 द्वारा Vijay रंक से राजा: साहस और आत्मविश्वास का खेल - 3 द्वारा Jai कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी