कहानी "चन्द्रगुप्त" जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई है, जिसमें चाणक्य, चन्द्रगुप्त और ग्रीक सम्राट सिल्यूकस के बीच की राजनीतिक साज़िशों और सम्बन्धों का वर्णन है। कहानी में, साइवर्टियस और मेगास्थनीज चर्चा कर रहे हैं कि चाणक्य ने ग्रीक शिविर को किस प्रकार बंदी बना लिया है और भारतीय सेनाओं का खतरा बढ़ गया है। चाणक्य ने चन्द्रगुप्त के माध्यम से ग्रीक साम्राज्य के साथ सन्धि करने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन इसके लिए राजकुमारी कार्नेलिया से विवाह की शर्त रखी गई है। सिल्यूकस इस प्रस्ताव को अपमानजनक मानते हैं, जबकि मेगास्थनीज यह सुझाव देते हैं कि कार्नेलिया और चन्द्रगुप्त के बीच पहले से कुछ संबंध हो सकते हैं। कहानी में प्रेम, राजनीति और युद्ध की जटिलताओं का खूबसूरत चित्रण किया गया है। कुल मिलाकर, यह कहानी चाणक्य और चन्द्रगुप्त की राजनीतिक चतुराई और ग्रीक साम्राज्य के साथ संभावित मैत्री पर आधारित है। चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 42 Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.8k 4k Downloads 16.2k Views Writen by Jayshankar Prasad Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सिल्यूकसने मेगास्थनीज से सत्य जानना चाहा, शब्द चाहे कितने भी कटु हों पर वो सत्य जानना चाहता था, सुनना चाहता था. मेगास्थनीजने कहा की चाणक्य ने एक और भी अड़ंगा लगाया है, उसने कहा है की सिकन्दर के साम्राज्य में जो भावी विप्लव है, वह मुझे भलीभांति अवगत है. पश्चिम का भविष्य रक्त रंजित है, इसलिए यदि पूर्व में स्थायी शान्ति चाहते हो तो ग्रीक सम्राट चन्द्रगुप्त को अपना बंधू बना ले. सिल्यूकस को बात समझ में नहीं आई उसे मेगास्थनीज को पूछा, मेगास्थनीज ने कहा की चाणक्य राजकुमारी कार्नेलिया का विवाह सम्राट चन्द्रगुप्त से करवाना चाहते हैं सिल्यूकस यह सुन कर गुस्सा हो गया और कहा.... Novels चंद्रगुप्त चंद्रगुप्त (स्थान - तक्षशिला के गुरुकुल का मठ) चाणक्य और सिंहरण के बीच का संवाद - उस समय आम्भिक और अलका का प्रवेश होता है - आम्भिक गुरुकुल में शस्... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी