यह कहानी एक व्यक्ति के बारे में है जो लगभग बारह वर्षों के बाद अपने रिश्तेदारों के घर आता है। उसकी उपस्थिति से पता चलता है कि वह बहुत बदल चुका है - उसकी दाढ़ी बढ़ी हुई है, बाल बिखरे हुए हैं, और उसकी आंखें सुस्त हो गई हैं। पहले की चंचलता और बचकानेपन की जगह एक गंभीरता आ गई है, जो दर्शाती है कि उसने जीवन के कई सबक सीखे हैं। कहानीकार अपनी माँ और जीजा के रिश्ते को भी उजागर करता है, जो एक दूसरे में कई समानताओं के कारण एकदम मेल खाते हैं। उनका व्यवहार अक्सर दूसरों को असुविधा में डालने वाला होता है। कहानी में एक भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें श्रीमान जी और उनकी पत्नी को बुलाया जाता है। हालांकि, भोज के समय श्रीमान जी का कोई अता-पता नहीं होता है, जो उनके व्यक्तित्व के बारे में और भी जानकारी देता है। कुल मिलाकर, यह कहानी रिश्तों, व्यक्तित्व के विकास, और पारिवारिक व्यवहारों की एक दिलचस्प छवि प्रस्तुत करती है। अतिथि देवो भव vineet kumar srivastava द्वारा हिंदी लघुकथा 2.3k 6.1k Downloads 31.4k Views Writen by vineet kumar srivastava Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रिश्तों को अपनी सीमा में रहकर प्रेम और अपनेपन से निभाया जाए तो रिश्तो में शहद सी मिठास घुल जाती है अन्यथा वही रिश्ते नीम से कड़ुए प्रतीत होते हैं अक्सर हम बड़े लोग भी बचकानी हरकतें कर बैठते हैं और उसका खामियाजा हमें अपने रिश्ते की बलि देकर चुकाना पड़ता है हमने भी सोंच लिया है कि इस वाक्य अतिथि देवो भव को एक सीमा तक ही स्वीकार करना चाहिए इतना नहीं कि अतिथि आपकी चाँद गंजी कर दे और आप तब भी कहते रहें - अतिथि देवो भव अतिथि देवो भव More Likes This Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी