कहानी "समाज सेवी सांप जी" में लेखक प्रेम जनमेजय ने राधेलाल जी की कहानी के माध्यम से चुनावी मौसम में समाज सेवा के प्रति लोगों के झुकाव को दर्शाया है। राधेलाल जी, जो पहले ईमानदार और सफेद कपड़े पहनने वाले व्यक्ति थे, अब समाज सेवा की राजनीति में शामिल होने का विचार कर रहे हैं। वह बताते हैं कि आजकल राजनीति में शामिल होना और दाग लगाना एक प्रकार से सम्मान का प्रतीक बन गया है। महंगाई की समस्या से आम आदमी परेशान है, जिससे पति-पत्नी के संबंधों में भी बदलाव आया है। राधेलाल जी का मानना है कि राजनीति में दाग लगवाना अब एक सम्मान की बात है और इससे पब्लिसिटी भी मिलती है। उन्होंने काली कमीज पहन ली है, क्योंकि अब सफेद कपड़ों की सफाई की बजाय काले कपड़ों की प्रतियोगिता चल रही है। कहानी में यह संदेश है कि समाज सेवा और राजनीति में दाग लगाना आज के समय में न केवल सामान्य हो गया है, बल्कि इसे प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाने लगा है। Samaj Sevi Sanp Ji Prem Janmejay द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 8.1k 3.1k Downloads 14.4k Views Writen by Prem Janmejay Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Samaj Sevi Sanp Ji - Prem Janamejay More Likes This साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes Mr. Ms. Fake - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी