कहानी "सफलता की चाबी" में बताया गया है कि सफलता केवल मेहनत और लगन से प्राप्त की जा सकती है, न कि शॉर्टकट से। सफलता के लिए दो रास्ते हैं: पहला, सफल लोगों के मार्ग पर चलना और दूसरा, असफल लोगों की गलतियों से सीखना। कहानी में 9 साल की श्रीलक्ष्मी सुरेश का उदाहरण दिया गया है, जिसने सबसे कम उम्र की सीईओ बनकर साबित किया है कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती। उसने कई वेबसाइटों का निर्माण किया है, जिसमें केरलबारकाउंसिल.कोम शामिल है। यह कहानी यह सिखाती है कि अगर मन में कुछ करने की इच्छा हो और मेहनत की जाए, तो असफलता को सफलता में बदलने में देर नहीं लगती। सफलता की चाबी Nirav Donda द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 55.4k 8.7k Downloads 33.4k Views Writen by Nirav Donda Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हम सब लोग आज कल success के पीछे अंधी दौड़ लगा रहे हे। कई लोग आगे बढ़ने की चाह में राह भटक जाते है। तो उसी पहेलु को ध्यान में रखते हुए हैं आज रियल success के जानेगे वो भी रियल लाइफ example के साथ....... More Likes This असंभव को संभव बनाने वाले: गॉगिन्स की कहानी - 1 द्वारा Nimesh Gavit नम आँखे - 2 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein आजादी - 1 द्वारा Kuldeep singh सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी