कहानी "ये मोह-मोह के धागे" उपासना सियाग द्वारा लिखी गई है, जिसमें राग नाम की एक लड़की की यात्रा का वर्णन है। राग पुरानी दिल्ली स्टेशन पर उतरती है और उसे ताज़गी का अनुभव होता है। वह अपने ननिहाल आई है, जहाँ उसके मामा के बेटे की शादी हो रही है। शादी का माहौल और उसके टेलीविजन पर भाग लेने के कारण उसे खास सम्मान मिल रहा है। राग की बचपन की सहेलियाँ अर्शिया और आरुषि भी उसके साथ हैं। एक दिन शॉपिंग के दौरान, राग एक फिल्म के प्रमोशन के बोर्ड पर नजर डालती है और उसे उम्मीद होती है कि उसे गाने का मौका मिल सकता है। मॉल में जगजीत सिंह की गज़ल सुनते ही राग की यादें ताजा हो जाती हैं, और वह एक प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अलोक के बारे में सोचने लगती है। कहानी में राग का आत्मविश्वास और संगीत के प्रति उसका प्यार उभरकर आता है। जब वह अलोक के साथ गाना गाती है, तो दोनों के बीच एक गहरा संबंध बनता है। कहानी में संगीत, यादें, और रिश्तों की गहराई का खूबसूरत चित्रण किया गया है। ये मोह-मोह के धागे .... Upasna Siag द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 28.8k 4.7k Downloads 15.2k Views Writen by Upasna Siag Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गीत की बहुत अच्छी तैयारी हुई। दोनों ने ही बहुत सुन्दर गाया। गाना बहुत सराहा गया। उस दिन का कार्यक्रम भी बहुत मज़ेदार था, हास्य रस से भरपूर ! कार्यक्रम के बाद तक सभी प्रतियोगी इसकी चर्चा करते रहे थे। सभी प्रफुल्लित और खुद को तरोताज़ा महसूस कर रहे थे। अगले दिन दूसरे गीत की तैयारी करनी थी, सारे दिन की थकान और तनाव भी था इसलिए सभी जल्दी ही सोने के लिए चले गए। राग अपनी माँ से देर तक बातें करती रही। जहाँ अलोक का जिक्र उसकी आँखों की चमक बढ़ा रही थी, वहीँ उसकी माँ के मन में चिंता भी बढ़ा रही थी कि अगर राग का झुकाव अलोक की तरफ हो गया तो वह क्या कर सकेगी। घर पर क्या जवाब देगी आदि -आदि .....सोचते हुए उनकी आँख लग गई। सुबह राग के कानों में एक मधुर स्वर लहरी पड़ी तो उसकी आँख खुल गई। यह अलोक है ! इसे चैन नहीं पड़ता क्या आवाज़ की और खींची चल पड़ी। वह लॉन में गा रहा था। सच में मधुर गीत था। मन को छू लेने वाला। अच्छा तो, वो तुम हो ! तुम हो....! गाते हुए पलटा तो सामने राग को खड़ी पाया। देख कर चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान आ गई। तुम्हे चैन नहीं पड़ता क्या इतनी सुबह-सुबह ही .... More Likes This अवनि एक अटूट विश्वास - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 3 द्वारा Sonam Brijwasi जिस जीवन में तुम थे - 1 द्वारा SHREYA INDUSHREE एक प्यार की अधूरी दास्तां - 1 द्वारा Mukul Tiwari अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 15 द्वारा kajal jha डिजिटल रूह एक अनकहा मोहब्बत - पार्ट 1 द्वारा Irfan ayan Khan क़िस्से ज़िंदगी के - 1 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी