श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां तेरे मेरे दरमियान - 81 द्वारा CHIRANJIT TEWARY मोनिका :- ये दैखो उसने मुझसे शादी का वादा किया था , फिर मेरे साथ वो सब किया और मुझे धोका दिया , फिर उसने तुम्हारी शादी रोकी , ... माफिया की मोहब्बत - 5 द्वारा Pooja Singh 474 चैप्टर 5 — अपहरणकैफ़े के बाहर शाम उतरने लगी थी।कांच की दीवारों पर हल्की नारंगी रोशनी पड़ रही थी और अंदर का सुकून भरा माहौल अब भी वैसा ही ... नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 4 द्वारा Rameshvar Gadiya 123 अर्जुन की बाहों में खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थी… लेकिन फोन पर लिखे दो शब्द मेरे दिमाग में हथौड़े की तरह बज रहे थे —“Next Target.”“अब क्या ... बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 2: डेथ ब्रिज द्वारा Varun Vilom 1.6k रेस से दो हफ्ते बाद नील एक इमारत के सबसे ऊपरी माले पर, छज्जे के किनारे पर खड़ा था। नीचे शहर फैला था—लाइटों का जाल, कारों की रेंगती हुई ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 45 द्वारा CHIRANJIT TEWARY (343) 1.7k उस तांत्रीक ने अपने जेब से मुठ्ठी बंद करके कुछ निकालता है और मंत्र बड़बड़ाकर वर्षाली पर के उपर फैंक देता है--"“ॐ ह्रीं क्लीं — मायाम्, मायाम् — वशं ... बिल्ली जो इंसान बनती थी - 8 द्वारा Sonam Brijwasi 195 घड़ी की सुइयाँ 4 बजने ही वाली थीं। कार्तिकेय का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। साँसें थम-सी गई थीं। हर पल जैसे सदियों में बदल गया हो। शानवी ... चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 1 द्वारा Std Maurya 135 लेखक -एसटीडी मौर्य ️कटनी मध्य प्रदेश दूरभाष +917648959825यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है।एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक ... Friday 13 द्वारा Sanjay Kamble 1.1k 'Friday 13'पुलिस स्टेशन के भीतर आम दिन की तरह काम चल रहा था। टेबल पर रखे टेलिफोन की घंटी बजने लगी।फोन रिसीव कर के हवलदार कुछ बोलता इससे पहले ... मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान - 9 द्वारा Aarti Garval 1.4k मुंबई की रफ़्तार हर किसी को अपने साथ बहा ले जाती है—लोकल की गूंजती पटरियाँ, ऑफिस की दौड़, और रात के खाने तक उठती भागदौड़। हर मोड़ पर एक ... एक दिन का Boyfriend - 1 द्वारा Shivraj Bhokare 309 एक दिन का बॉयफ्रेंड मुंबई की सुबह हमेशा की तरह तेज़ थी।मेट्रो स्टेशन के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ रही थी। कोई ऑफिस के लिए भाग रहा था, कोई कॉलेज ... सीमाओं से परे - 3 द्वारा ARTI MEENA 243 देखते ही देखते सगाई का दिन भी आ गया।घर में चारों तरफ खुशी का माहौल था।सब लोग तैयारियों में लगे हुए थे।सीमा और अशोक भी खुश लग रहे थे,और ... इस घर में प्यार मना है - 17 द्वारा Sonam Brijwasi 63 पाँच महीने कैसे पंख लगाकर उड़ गए… किसी को पता ही नहीं चला। उधर हवेली में… एक दिन ससुर के पास उसका ख़बरी आया।ख़बरी (धीमी आवाज़ में) बोला - मालिक…वो ... अधूरी धुन - 1 द्वारा Avinash 462 भाग 1: 'रिदम कैफे' और वो अधूरी शामशहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक छोटा सा कोना ऐसा था, जहाँ वक्त जैसे ठहर सा जाता था। 'रिदम कैफे'—पुरानी ... भक्त प्रह्लाद - 7 द्वारा Siya Kashyap 258 गुरुकुल की ओर गमनसमय का चक्र बिना किसी अवरोध के निरंतर अपनी धुरी पर घूमता रहता है। उसे किसी की प्रतीक्षा नहीं होती अपितु हर कोई उसी की प्रतीक्षा ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 57 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 690 > मालिक ! इस कागज पर ऐसा क्या लिखा है जिससे पड़कर आपकी ये हालत हो गयी। दक्षराज कागज़ को दयाल के हाथ मे थमा देता है। दयाल कागज को ... मिट्टी का शेर द्वारा Md Siddiqui 51 उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव सूर्यनगर में रहने वाला रघुवीर सिंह कभी अपने समय का बहुत बड़ा पहलवान था जिसे लोग उसकी ताकत, ईमानदारी और अखाड़े की मिट्टी ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 56 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 8.5k गुणा कहता है --> क्या बात है यार ये अचानक बाइक की लाइट क्यो बंद हो गई। आलोक बाइक की लाइट चैक करने लग जाता है पर अंधेरा होने के ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 55 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 1k दयाल की बात सुनकर दक्षराज जौर जौर से हंसने लगता है और कहता है---> हा हा हा हा । मेरे साथ रहकर तेरी भी बुध्दी काम करने लगी है ... पर्दे के पीछे - 4 द्वारा ARTI MEENA 582 शाम को मिश्राजी घर आए।आकर उन्होंने रोज़ की तरह हाथ-पैर धोए और फिर खाने के लिए बैठ गए।आज का दिन भी बाकी दिनों जैसा ही लग रहा था।ऐसा महसूस ... यात्रा के अंश - से महिला दिवस पर विशेष द्वारा Anant Dhish Aman 468 मानव सभ्यता के विकास की कथा यदि लिखी जाए तो उसके प्रत्येक अध्याय में महिला की उपस्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सदियों से महिलाओं ने गृहस्थ जीवन ... माफिया की दीवानगी - सीजन 2 - 2 द्वारा InkImagination 207 माफिया की दीवानगी - सीजन 2(ऑथर नोट: हेलो मेरे प्यारे रीडर्स! आप सबके कमेंट्स और प्यार ने सीजन 2 को और खास बना दिया! पहले पार्ट को इतना ... बड़े दिल वाला - भाग - 14 द्वारा Ratna Pandey 424 अभी तक आपने पढ़ा कि-कि अनुराग अनन्या की उदासी और सूजी आँखों से समझ गया कि उसके साथ कुछ ग़लत हुआ है, लेकिन उसने कुछ नहीं पूछा। अनुराग के ... सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 3 द्वारा Rishav raj 282 मैं हूँ अशोक — मौर्य साम्राज्य का सम्राट।सिंहासन पर बैठने के बाद मेरा एक ही लक्ष्य था साम्राज्य को और विशाल बनाना मेरे पूर्वजों ने एक महान साम्राज्य बनाया ... बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 1: ऊँचाई द्वारा Varun Vilom 2.7k ट्रैक साँस रोके हुए था। सुपरकार वर्ल्ड चैंपियनशिप की आख़िरी रेस—जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। एरीना में मौजूद हज़ारों लोग और अपनी टीवी स्क्रीनों से चिपके ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी इस घर में प्यार मना है - 16 द्वारा Sonam Brijwasi 930 दोपहर का खाना खत्म हो चुका था। चारों आँगन में चटाई पर बैठे थे। हवा हल्की-हल्की चल रही थी। प्रार्थना ने पानी का गिलास रखते हुए अचानक पूछ लिया—प्रार्थना ... तुम दूर चले जाना - 13 द्वारा Sharovan 4.5k द्वितीय परिच्छेद *** सूरज का संसार उजड़ गया। दुनिया जल गयी। सपने नष्ट हो गये। वह तबाह-सा हो गया। किरण की बेरुखी देखकर वह बुरी तरह टूट भी गया। ... दिल ने जिसे चाहा - 32 द्वारा R B Chavda 612 अगली सुबह…सुबह की हल्की धूप खिड़की से होकर कमरे में उतर रही थी।मयूर सर देर तक जागते रहे थे रात भर… आँखें बंद होतीं तो एक ही चेहरा सामने आ ... तेरे मेरे दरमियान - 80 द्वारा CHIRANJIT TEWARY (21) 468 मोनिका वहां से उठती है और बाहर आ जाती है , अब मोनिका के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान थी , क्योकी मोनिका ने अपना पहला चाल चल दिया ... पवित्र बहु - 2 द्वारा archana 2.4k ⭐ ▲ चित्रा की पहली शादी — दर्द, अपमान और टूटनचित्रा की शादी को दो महीने भी नहीं हुए थे।पर ससुराल वालों का असली चेहरा उसी दिन दिखाई दे ... नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 3 द्वारा Rameshvar Gadiya 540 अस्पताल से घर लौटते वक्त अर्जुन ने मेरा हाथ पूरे रास्ते नहीं छोड़ा।पहले जो आदमी मुझसे दूरी बनाकर रखता था…आज वही मेरी उंगलियाँ ऐसे थामे हुए था जैसे डर ...