श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां अनकहा सच (भाग -7) द्वारा Vishakha Pareek हितेश के यह कहने पर कि "मैं चलता हूँ...", राजू ने सहमी और शर्मिंदा आँखों से उसकी तरफ देखा और धीमी आवाज़ में बस इतना ही कह पाया, "ह्म्म्म..."हितेश ... मामाजी के आंगन में द्वारा Dr. Pradeep Kumar Sharma संस्मरण मामाजी के आँगन में लगभग 40-42 साल पहले जब मैं प्रायमरी स्कूल में पढ़ता था, तब गर्मियों की छुट्टियाँ दो महीने की होती थीं। उस समय हर साल 30 अप्रैल ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 6 द्वारा insha (13) 615 मिशन रेतछाया मिशाल की पीठ पर चाकू से वार किया गया था, चोट दर्द कर रही थी, पर मिशाल का ध्यान अब भी सिर्फ मिशन पर था, और वान्या को ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 1 द्वारा insha (453) 3.2k भाग 1 – "अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में नई भर्ती हुए अधिकारियों की लंबी लाइन ... अपने होने की कीमत द्वारा surinder Kumar Gupta रिया अभी अठारह वर्ष की ही हुई थी, लेकिन उसे देखकर कोई भी पहली नजर में यही कहता कि वह अपनी उम्र से कुछ अधिक समझदार और आत्मविश्वासी लड़की ... मुर्दा घर द्वारा Vedant Kana 1.4k सालों पुराने उस अस्पताल के मुर्दाघर में एक ऐसा रहस्य छिपा था, जिसके बारे में अस्पताल के पुराने कर्मचारियों तक को पूरी सच्चाई मालूम नहीं थी। दिन के समय ... Skandani Chudail द्वारा Vedant Kana 1.6k सुनील उस शाम ऑफिस की खिड़की के पास बैठा अपनी फाइलें देख रहा था। ऑफिस में रोज की तरह लोग अपने काम में लगे हुए थे, लेकिन पिछले कई ... हुक्म और हसरत -38 द्वारा Diksha mis kahani 666 ️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 38 — ठंडी आवाज़ का मालिक अवॉर्ड समारोह लगभग खत्म हो चुका था।सभागार के मुख्य हिस्से में मेहमान एक-दूसरे से मिल रहे थे, एक-दूसरे को ... संस्कार की संस्कारी लव स्टोरी - 1 द्वारा akriti Choubey 7.9k ,,,श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी,, ,,,,हे नाथ नारायण वासुदेवा,, राधे कृष्ण,,राधे कृष्ण,, एक लगभग 55 साल के मिश्राजी,,धोती पहने,, तोलिये को ओढे हुए,,,सर पर ठाकुर जी जैसा तिलक,,ओर मुख पर ... अजूबा मिलन - भाग 11 द्वारा Ratna Pandey 498 अभी तक आपने पढ़ा कि राघव और कपिल द्वारा रूपा को समझाने की कोशिशें नाकाम रहती हैं और रूपा सच्चाई जानने के लिए गरिमा तथा कपिल के डीएनए (DNA) ... अजूबा मिलन - भाग 8 द्वारा Ratna Pandey 2k अभी तक आपने पढ़ा कि रविवार को सच की तलाश में डॉक्टर कपिल, रूपा, शालिनी और गरिमा आखिरकार चित्रा के घर पहुँच जाते हैं। कार से उतरती शालिनी और ... अजूबा मिलन - भाग 7 द्वारा Ratna Pandey 1.8k अभी तक आपने पढ़ा कि गरिमा जब अपनी माँ चित्रा को फोन करके हम शक्ल लड़की शालिनी के बारे में बताती है, तो चित्रा पूरी तरह बदहवास और हैरान ... धड़कने दिल की - 5 द्वारा Shravan Gore 852 ऑटो रिक्शा बांद्रा की संकरी, गीली गलियों में हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ रहा था। बाहर की धुंधली पीली स्ट्रीटलाइट्स की रोशनी ऑटो के काले पर्दे पर नाच रही ... धड़कने दिल की - 6 द्वारा Shravan Gore 168 काले, बदबूदार बोरे के भीतर सांस लेना किसी जलते हुए तवे पर फेफड़े रखने जैसा था। गाड़ी के झटकों से आदित्य का सिर बार-बार एसयूवी के लोहे के फर्श ... अजूबा मिलन - भाग 6 द्वारा Ratna Pandey 2k अभी तक आपने पढ़ा कि घर के तनाव पूर्ण माहौल के बीच गरिमा और शालिनी बातचीत करते हुए अपने परिवारों के अतीत पर विचार करती हैं। दोनों को अहसास ... DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 5 Scene 4 द्वारा Azoorey 192 "अरे संभलकर, कहीं फूलों के मोह में अपने उनको याद करते हुए गिर मत जाना।"फुलों की टोकरियां ले जाते हुए खदिमाएं रुक्मणि से रास्ते में टकराकर उसे हंसकर चिढ़ाते ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 5 द्वारा insha (73) 1.1k " रेगिस्तान का मेला”गाँव में आए उन्हें लगभग तीन हफ्ते हो चुके थे।अब गाँव वाले उन्हें “राणा और गौरी” के ... अनकहा सच (भाग-6) द्वारा Vishakha Pareek 834 हितेश अपनी बाइक चालू करता है और राजू को पीछे बिठाकर उसके गाँव की तरफ निकल पड़ता है।रास्ते भर हितेश बेहद खुश होकर बातें कर रहा था, "यार राजू! ... दिल ने जिसे चाहा - 40 द्वारा R B Chavda 300 कुछ शामें इतनी ख़ूबसूरत होती हैं कि उन्हें याद रखने के लिए तस्वीरों की ज़रूरत नहीं पड़ती...वह सीधे दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए बस जाती हैं।मॉल ... जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma (43) 2.3k ‘‘हे भगवान इसको भी अभी टूटना था’’ - हाथ से पुराना शिशा गिरने पर जग्गू बड़बड़ाया। टेबल पर रखा शिशा उसके हाथ लगने से नीचे गिरकर चकनाचूर हो गया। ... Mr. Ms. Fake - एपिसोड 38 द्वारा kajal jha 1.6k एपिसोड 38 – तीसरी बेटी का राज“हाँ…”राजवीर की आवाज़ इतनी धीमी थी कि जैसे वह खुद भी अपने कहे हुए शब्दों पर विश्वास नहीं कर पा रहा था।“हमारी… एक ... परमहंस संत गौरीशंकर चरित माल - 4 द्वारा ramgopal bhavuk 8.5k संतों की महिमा अपरम्पार है। उनकी कृपा अहेतुकी होती है। उनके दर्शन मात्र से चारों धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष, सभी कुछ प्राप्त हो सकता है। जैसा कि ... प्रेरणास्पंदन - 10-11 द्वारा Bhupendra Kuldeep 2.9k अध्याय:10 अमर सपने और सेवा का संकल्प मनुष्य के जीवन में सपनों का महत्व केवल एक लक्ष्य तकपहुँचने का नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को गढ़ने का होता है। अक्सर ऐसा होताहै कि हम बड़े चाव से कोई सपना देखते हैं, उसके लिए कड़ी मेहनत करतेहैं, लेकिन समय और प्रेरणास्पंदन - 8-9 द्वारा Bhupendra Kuldeep 3.4k अध्याय: 8अनुभव की पतवार और संकल्प का संसार जीवन का पथ किसी विशाल महासागर की भांति है, जहाँसमय की लहरें निरंतर अपना मिजाज बदलती रहती हैं। कभी स्थितियाँशांत होती हैं, तो कभी संकटों का भीषण ज्वार उठता है। ऐसे में मनुष्य कीसफलता इस बात पर नि लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी प्रेरणास्पंदन - 6-7 द्वारा Bhupendra Kuldeep 3.4k अध्याय : 6अनजान फरिश्ते जीवन के रास्ते कभी-कभी हमें ऐसे मोड़ पर ले आते हैं, जहाँहमें इंसानियत के नए और अद्भुत रूप देखने को मिलते हैं। यह कहानी एकऐसे ही दिन की है जब संघर्ष और सादगी के बीच एक अनोखी घटनाघटी। दो मित्र एक शनिवार की दोपहर रायप सच लिखना क्या जुर्म है? द्वारा Std Maurya (80) 2.1k सच लिखना क्या जुर्म है?आज से कुछ दिन पहले, करीब 29 सितंबर 2026 को मैंने अपने कॉलेज के बारे में एक लेख लिखकर प्रकाशित करवाया था। जब वह लेख ... आईने में बदलता जीवन - भाग 6 द्वारा Chandni 618 भाग 6 — एकांत से नए अनुभवों तकविभा अब अपने विचारों को शब्दों में ढालने लगी थी। लिखना उसे अच्छा लगता था, क्योंकि वह उन बातों को भी कागज़ ... थ्योरी ऑफ वन शू: रात, रिस्क और स्प्लेंडर - 5 द्वारा Shivam Dhuriya (16) 570 Chapter 5: मिशन बैक-गेटकैंटीन से बाहर निकलते ही तीनों की चाल ऐसी थी मानो कॉलेज के ग्राउंड में कोई लैंडमाइन बिछी हो।शिव आगे-आगे पंजों के बल चल रहा था, ... अवंतिका: छलावा और हकीकत - 1 द्वारा Aarti Garval (64) 2.8k रात के करीब बारह बज रहे थे। रामपुर गाँव सन्नाटे की एक गहरी चादर में लिपटा हुआ था। आसमान में काले बादलों का डेरा था, जिससे उठती ठंडी हवाएँ ... ध्रुव की तारा - भाग 23 द्वारा Anamika (14) 807 ध्रुव की ताराभाग - २३लेखिका "अनामिका"रात भर तारा की आँखों में नींद की एक बूँद तक नहीं थी। जिस इंसान को वह बचपन से चाहती आई थी, कल रात ...