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Honted Jobplace - 10 द्वारा Sonam Brijwasi 8th फ्लोर — अंदर श्राव्या डरी हुई कोने में सिमटी है। बाहर से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ें आ रही हैं।कृषांत (बाहर से, गुस्से में) बोला - श्राव्या!! पीछे हटो!!अचानक — एक ... शब्द और सत्य - भाग 12 द्वारा Shivraj Bhokare 186 34.यह 'एक दिन' तुम्हारी मौत का दिन है!तुम कहते हो, "एक दिन बदलूँगा दुनिया," पर वह दिन कभी आता क्यों नहीं?भीतर जो सड़ रहा है ढोंग का ढेड़, वह ... क्या भारत का युवा 'कॉकरोच' है? द्वारा ARTI MEENA 297 हाल ही में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक टिप्पणी को लेकर काफी चर्चा हुई। कहा गया कि भारत युवाओं के लिए "Cockroach Paradise" बन गया है। जब ... Muhabbat Ek Sabaq - 5 द्वारा Afariya Faruqui 615 “क्या टाइम हो रहा है ???”,उसने थके थके से अंदाज़ मे बैग टेबल पर रखते हुए पूछा|मैडम राबेआ के पीरिएड से फ़ारिग़ हो कर वह दोनो अभी अभी कैंटीन ... शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (5) द्वारा Ramesh Desai 7.4k शहीद की शहद की गुड़िया - प्रकरण - 5 " साहिल के बाद मेरी जिंदगी में दीपक आया था. वह बहुत अमीर ... तेरे मेरे दरमियान - 114 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 1.4k दयाल फिर अपनी बात को जारी रखते हूए कहता है:" मालिक ! ये वक्त सौच मे का नही है । हमे जल्दी से अघोरी बाबा के पास जाना चाहिए ... अंश, कार्तिक, आर्यन - 13 द्वारा Renu Chaurasiya (105) 906 बाल सुधार गृह से निकलने के बाद भी रणजीत ने कभी गलत रास्ते पर चलने के बारे में नहीं सोचा था।उसके अंदर अब भी कहीं न कहीं उसकी माँ ... अंश, कार्तिक, आर्यन - 14 द्वारा Renu Chaurasiya 327 शादी के बाद रणजीत की ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई थी।कभी जो लड़का दुनिया में बिल्कुल अकेला था, आज उसके पास अपना परिवार था।अब उसके जीवन में श्री मलोत्रा ... वोह मुलाकात द्वारा Vijay Erry 468 वोह मुलाकातभावपूर्ण हिंदी कहानीलेखक: विजय शर्मा ऐरीबरसात की हल्की-हल्की बूंदें आसमान से गिर रही थीं। शाम का समय था। शहर के पुराने रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ लगी ... बीते न रैना भाग - 7 द्वारा Neeraj Sharma 939 वक़्त कभी किसी का नहीं... मत सोचो, इस मीठी बातो से इसे भरमा लोगे... नहीं कड़वा बोल कर देख लो... थोड़ा सा, हक़ीक़त यूँ बाहर आ जाये गी। ... अरेंज मैरिज का संदूक द्वारा sukhvinder Singh Rai 495 **एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक ... कोख से अंत तक - 2 द्वारा ARTI MEENA 327 “माँ, जिसका काम है चोट खाकर भी फिर से खड़े हो जाना, वह अपने घाव भर लेगी। लेकिन अगर उसकी ही कोख में अब हम सुरक्षित नहीं रह सकते, ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी चांदनी रात का वादा द्वारा kajal jha 1.7k चांदनी रात का वादागांव का नाम था हरिया। बिहार के एक छोटे से कोने में बसा हुआ, जहां खेतों की हरियाली साल भर खिलती रहती। नदियां गाती हुई बहतीं, ... 50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 9 द्वारा Priya Chaudhary 414 (डाइनिंग हॉल में सन्नाटा इतना गहरा है कि आर्यन की अपनी धड़कन उसे किसी ढोल की गूँज की तरह सुनाई दे रही है। मेज पर बैठे 44 लोग पत्थर ... The Silent Witness द्वारा Priya Chaudhary (104) 1.1k एक बार दो शैतान बच्चे जंगल के दोनों तरफ बाँध रहे थे, सबको बड़े अच्छे से प्रसाद दिया तभी उन्होंने एक बूढी बाघिन को देखा और सोचा एक बदमाशी ... Rebirth of a Bench - 3 द्वारा Amardeep Kumar 501 लड़की ने रोटी ले ली थी।वाह भाई! क्या बात है! मैं अंदर ही अंदर उस लड़के के लिए तालियाँ बजा रहा था।"मेरा नाम... मेरा नाम गजेंद्र प्रताप सिंह शेखावत ... Rebirth of a Bench - 2 द्वारा Amardeep Kumar (19) 678 टन-टन-टन-टन!लंच ब्रेक की घंटी बजी और क्लास का माहौल ऐसे बदल गया जैसे किसी ने पिंजरे का दरवाज़ा खोल दिया हो। टीचर के बाहर कदम रखते ही क्लास में ... Rebirth of a Bench - 1 द्वारा Amardeep Kumar (26) 969 चैप्टर 1: सपने, जूते और मेरा जेंडर क्राइसिससब कुछ कितना अजीब था।मैं वापस स्कूल में आ चुका था — और यहाँ भी एक बेंच के रूप में ही था। ...