श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां पर्दे के पीछे - 2 द्वारा ARTI MEENA 117 मिश्रा जी जैसे ही अंदर आए, उन्होंने देखा — मिश्राइन जी का चेहरा उतरा हुआ था।बच्चियाँ चुपचाप टीवी देख रही थीं।Mishra ji ने बैग रखा और बोले —“क्या हुआ? ... कामवासना से प्रेम तक - भाग - 6 द्वारा सीमा कपूर (836) 7.1k मुकेश -अजय अभी तो जा रहा हूँ, पर याद रखना कही ऐसा ना हो, तुम्हे नौकरी से हाथ धोना पडे!अजय सर प्लीज अभी के लिए जाए!तभी शेफाली आती हैशेफाली ... रॉ एजेंट सीजन 1 - 18 द्वारा bhagwat singh naruka सुबह का समय था अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों इंतजार कर रहे थे ,तभी अन्दर एक महिला आती है उसके पैरो को आवाज सुन कर दोनो खड़े हो ... जिन्दादिली से ज़िन्दा लाश तक का सफर.... द्वारा Shalini Gautam 252 ये सफर तब शुरू होता है जब आप हर रिश्ते से मजबूर हो जाते हैं। आप अपनी भावनाएँ, दुःख, दर्द, तकलीफ़े या रोज़मरा की बात चाह कर भी किसी ... मेरा प्यार - 3 द्वारा mamta 216 अध्याय 3: सुकून की कीमतज़ोया ने पैसे तो दे दिए थे, लेकिन उसके कदम अपनी गाड़ी की तरफ नहीं मुड़े। वह वहीं खड़ी रही, उस छोटी सी दुकान को ... वरदान - 5 द्वारा Renu Chaurasiya 1.7k बड़ी रानी का दिखावा इतना सधा हुआ था कि छोटी रानी पूरी तरह उसके प्रभाव में आ गई। जब भी बड़ी रानी राजवर्धन को अपनी गोद में उठाती, उसे ... वरदान - 4 द्वारा Renu Chaurasiya 1.3k राजमहल का प्रसव कक्ष उस समय दीपों की रौशनी और मंगल ध्वनियों से जगमगा रहा था। चारों ओर रेशमी परदे लटक रहे थे, जिन पर सोने की महीन कढ़ाई ... अंश, कार्तिक, आर्यन - 9 द्वारा Renu Chaurasiya (17) 966 कोई भी इंसान इतना बेख़ौफ़,कैसे हो सकता है की खुद को कानून से ऊपर,समझे।एक इंसान इतना निर्दयी अकेले के दम पर नहीं बनता।जरूर इसके पीछे बहुत ही बड़ी तागत का ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 51 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 423 कुंभ्मन परेसान होकर कहता है--> ये....ये मुझे क्या हो रहा है । मैं....मैं ठीक से चल क्यों नही पा रहा हूँ। कुंम्भन अपने अंदर बहुत कमजोरी महसुस कर रहा था। ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 50 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 723 > भाया वो...वोह...। दुसरा आदमी कहता है--> अरे भाया पहले थौड़ी सांस ले लो फिर कहना। वो आदमी कुछ दैर सांस लेता है और फिर कहता है --> भाया वो रक्षा ... रॉ एजेंट सीजन 1 - 16 द्वारा bhagwat singh naruka (33) 1.5k रक्षा मंत्रालय एक बंद कमरे में कई लोग खड़े है जिन में दो युवक है और उनके सामने कुर्सी पर दो आदमी बैठे ... बलि का बकरा द्वारा Jeetendra 1.5k गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 47 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 1.1k एकांश की बात सुनकर सत्यजीत कहता है---> नही बैटा अब वो ऐसा नही कर पाएगी क्योकीं भैया और मैं साधु बाबा से मिलकर आ रहे हैं और उन्होंने हमे एक ... रहे तेरी दुआ मुझ पर - पंद्रहवां हिस्सा द्वारा MASHAALLHA KHAN (12) 171 {रहे तेरी दुआ मुझ पर - पंद्रहवां हिस्सा}{बीमार नूर और जाहिद का बेचन दिल}[फलेश्बेक जारी]जाहिद वहा नूर के घर के सामने पहुंचता है तो वह सोचता है कि उसे ... में और मेरे अहसास - 144 द्वारा Dr Darshita Babubhai Shah 153 ख़ासकोई मेरा पूछे तो कहना ख़ास नहीं हूँ lकिसी भी जवान दिल की आश नहीं हूँ ll लोगों को दिखाने को नज़दीक आया था lजितना दिखता हूँ उतना भी ... सिलसिला ये चाहत का द्वारा ziya 135 हवा आज कुछ ज़्यादा ही ठहरी हुई थी।जैसे उसे भी मालूम हो कि दो दिलों के बीच कुछ ऐसा चल रहा है, जिसे शब्दों में कहना मुमकिन नहीं।आरव चलते-चलते ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 52 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 180 मातंक कहता है--> तुम चिंता ना करो मित्र कुम्भनी हमारी भी पुत्री है और उसे बचाने के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं। अब हमे कहां जाना होगा मित्र ... दिल से कही दिल की कही द्वारा MASHAALLHA KHAN (512) 4.7k 1.. ठहर जाये ये लम्हा कुछ और वक्त धड़कने दो दिल को कुछ और वक्त बेशक आप चेहरे को नकाब मे रखिये पर हमे नजरे ... महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व एवं चतु:प्रहर अभिषेक का फल द्वारा Abhishek Chaturvedi 585 *महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व एवं चतु:प्रहर अभिषेक का फल* _खोजकर्ता / लेखक:- अभिषेक चतुर्वेदी 'अभि'_ महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का अत्यंत पावन और रहस्यमयी पर्व है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ... सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५४ द्वारा RACHNA ROY (145) 933 कुछ देर बाद विक्की आ गया और फिर सबसे मिलकर अभिवादन किया।अरे बेटा कैसा है तू। संजना के जाने के साथ तेरा क्या हाल हुआ। शादी नहीं करेगा क्या?विक्की ... Agent Tara - 1 द्वारा Pooja Singh 1.7k मुंबई कभी नहीं सोती.रात के तीन बजे भी इसकी सडकों पर जिंदगी बहती रहती है—कभी रोशनी बनकर, कभी साए की तरह.आकृति मेहता इन्हीं सायों में खडी थी.दुनिया की नजरों ... सदियों से तुम मेरी - 3 द्वारा Pooja Singh 162 कॉलेज का दिन सामान्य रूप से खत्म हो चुका था। सूरज ढलने लगा था और आसमान में हल्की नारंगी आभा फैल रही थी। स्टूडेंट्स अपने-अपने घरों की ओर लौट ... मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 11: सुहागरात (फिनाले) द्वारा Varun 165 बारात का आगमन ज़ोर-शोर से हुआ। घोड़ों की टापें, आतिशबाज़ी, और नाचते हुए लोग। करण घोड़ी पर आया—सिर पर सेहरा, चेहरे पर वही आत्मविश्वास भरी मुस्कान। फिर घोड़ी से ... सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५३ द्वारा RACHNA ROY (682) 2k कुछ देर बाद ही न्यारा की रोने की आवाज आने लगी।सारा ने देखा तो नताशा उसके बाल बना रही थी बस फिर क्या खिलखिला कर हंस पड़ी।ओह क्या बात ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 25 द्वारा kajal jha 243 एपिसोड: द फॉल ऑफ द गॉड: बाइनरी युद्ध1. चेतना का महासागरआर्यन के कानों में एक असहनीय साय-साय की आवाज़ गूँज रही थी। उसे महसूस हो रहा था कि उसका ... तेरे मेरे दरमियान - 73 द्वारा CHIRANJIT TEWARY (24) 318 मोनिका :- क्यों आदित्य, क्या हूआ , हम ऐसा क्यों नही कर सकते ।आदित्य :- क्योंकी ये गलत है ।मोनिका :- कुछ गलत नही है आदित्य । हम दोनो ... इंतेक़ाम - भाग 43 द्वारा Mamta Meena 174 अब तक आपने पढ़ा कि निशा और विजय माता रानी का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर जाते हैं,,,,,निशा मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए दुकान पर से प्रसाद लेने ... महाराणा प्रताप - अध्याय 3 द्वारा Narayan Menariya 96 अध्याय 3: रक्तरंजित हल्दीघाटी सूरज अब सिर पर था। हल्दीघाटी की पथरीली धरती पर रक्त बह रहा था, और हवा में तलवारों की टकराहट, घोड़ों की हिनहिनाहट और घायल ... मशीन का दिल - 3 द्वारा shishi 168 "इसी बीच, एक दिन जब शिशी फ्री फायर खेल रही थी, तभी उसे सक्का का मैसेज आया, 'ऑनलाइन आओ, तुम्हें कुछ दिखाना है।' शिशी ने जवाब दिया, 'मैं अभी ... एक ओर जीवन - 2 द्वारा Neha kariyaal 150 उसी बीच एक वरिष्ठ वैज्ञानिक शांत कदमों से उसकी ओर बढ़े। वे थे - प्रोफेसर विलियम। उनके चेहरे पर अनुभव की झुर्रियाँ थीं, पर आँखों में अब भी मिशन ...