श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां भूखा जंगल द्वारा Md Ibrar pratapgarhi 402 इस कहानी में हर मोड़ पर मौत खड़ी है। हर कदम के साथ खतरा बढ़ता जाता है और ज़िंदगी व मौत के बीच की रेखा मिटती चली जाती है। ... नम आँखे द्वारा Nandini Agarwal 282 मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ... मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 64 द्वारा kajal jha 204 ️ मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है – एपिसोड 64 ---रात गहराती जा रही थी।बाहर हवा का सुर भी शांत पड़ चुका था—लेकिन आरव और अनन्या के दिलों में तूफ़ान ... Mafiya Boss - 9 द्वारा PAYAL PARDHI 216 (वीर के बॉडीगार्ड्स ने जैसे ही युवी को रेशमा और नेहा से जबरदस्ती दुर करके ले गए, और युवी जिस तरह से रो रहा था उसे देखकर नेहा को ... राहत की सांस द्वारा Black Demon 120 यह सिर्फ़ कहानी नहीं है। यह वो घटना है जो मेरे साथ जस्ट अभी अभी घटित हुईं है। अपनी रचना "पढ़ाई या दिखावा" लिखने के बाद मैंने सोचा कि,कल का ... कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात द्वारा Bharti 007 171 बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी ... शांति और तर्क करदाता, सरकार और सम्मान द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani 156 भूमिकायह लेख किसी सरकार, शासन-तंत्र या राजनेताओं के विरुद्ध नहीं है।यह किसी संस्था को कमजोर करने या अविश्वास फैलाने का प्रयास भी नहीं करता।यह लेख कर अदा करने वाले ... नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 10 द्वारा Dr. Suryapal Singh 120 ब्रीफकेस मैंने मेज के नीचे रख दिया। मैंने पराठा खा कर भुगतान दिया और चलने को हुआ तो देखा कि ब्रीफकेस गायब है। मेरे लिए यह अप्रत्याशित घटना थी। ... नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 9 द्वारा Dr. Suryapal Singh 453 थाइलैंड में चाय को ‘चा’ कहते हैं जिसमें दूध नहीं डाला जाता। दूध मिलाकर चाय प्रायः होटलों में ही मिलती है। संगामी सत्रों में ही हम लोगों को अपने ... नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 8 द्वारा Dr. Suryapal Singh 495 ‘कलमजीवी निराला’ बाद में ‘गीत गाने दो मुझे’ नाम से प्रकाशित हुआ। जो बच्चे नाटक से जुड़े उन्होंने निःस्वार्थ भाव से काम किया। शास्त्री कालेज में अध्यापन करते ... नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 7 द्वारा Dr. Suryapal Singh 495 जुलाई 1973 में कालेज में ही परिवार के साथ रहने की व्यवस्था कर ली थी। पत्नी मेरे बच्चे और बहिन जावित्री कौड़िया में रहने के लिए ... नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 5 द्वारा Dr. Suryapal Singh (46) 1.2k 1957 में ही प्रयाग में साहित्यकारों का एक सम्मेलन हुआ था। उस सम्मेलन में श्रोता के रूप में मैं उपस्थित था। वहीं मैने महादेवी ... नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh 2.6k नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई डॉ0 सूर्यपाल सिंह साक्षात्कार साक्षात्कर्ता : जीतेश कान्त पाण्डेय ... तुमसे मिलने की छुट्टी - 11 द्वारा soni 627 “पहला प्रोजेक्ट… और दिल से दिया गया सरप्राइज़” का सुबह सूरज आज कुछ ज़्यादा ही चमकदार था।जिया जल्दी उठ गई थी—आज “हमारा जहाँ” का पहला आधिकारिक प्रोजेक्ट शुरू होना था।किचन ... खामोशियाँ: एक अकेलापन की कहानी द्वारा InkImagination (226) 1.7k नमस्ते दोस्तों! ये कहानी उन सबके लिए है जो रात के तीन बजे छत पर खड़े होकर सोचते हैं – “क्या मैं सच में अकेला हूँ या सिर्फ़ ऐसा ... अंश, कार्तिक, आर्यन - 8 द्वारा Renu Chaurasiya 258 अगले दिन शाम कोपुराने स्पोर्ट्स ग्राउंड की बाउंड्री वॉल के पासआर्यन के दोस्त जमा थे—रघु, अमन और तीन–चार और लड़के।हवा ठंडी थी,माहौल अजीब-सी बेचैनी से भरा।सबके चेहरों पर तनाव ... बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 5 द्वारा kajal jha 489 आर्यन और राधिका: वह 'गलती' से हुआ हादसाआर्यन अपने कमरे में अपनी कीमती गिटार साफ़ कर रहा था, तभी राधिका गुस्से में पैर पटकती हुई अंदर आई। उसके हाथ ... बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 4 द्वारा kajal jha (13) 783 तकरार से तकरार तकखन्ना मेंशन में सुरक्षा के घेरे और कड़े कर दिए गए थे। देब ने राधिका के कॉलेज का ट्रांसफर मुंबई के सबसे सुरक्षित और महंगे कॉलेज ... बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 3 द्वारा kajal jha 645 सुबह के ठीक 5:00 बजे थे। खन्ना मेंशन के उस विशाल बेडरूम में हल्की-सी नीली रोशनी फैली हुई थी। देब की नींद अचानक खुल गई। वह कुछ पल यूँ ... पहली नज़र का इश्क - 3 द्वारा Bikash parajuli 645 स्कूल का माहौल हमेशा की तरह हल्का-फुल्का और हँसी-मज़ाक से भरा हुआ था। लेकिन बिकाश और माया के लिए यह साल कुछ खास बन रहा था। उनकी दोस्ती अब ... अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari 999 “मैं ये शादी नहीं कर सकती, माँ… प्लीज़ समझने की कोशिश करो!”आराध्या की आवाज़ काँप रही थी। आँखों में आँसू थे, लेकिन उनमें डर से ज़्यादा बेबसी झलक रही ... इंतेक़ाम - भाग 33 द्वारा Mamta Meena 435 वही रोमी वहीं अस्पताल में रही उसने अपने पिता को भी फोन कर सारा हाल सुना दिया,,,,,उसके पिता भी विजय के एक्सीडेंट की खबर सुनकर अस्पताल पहुंच गए और ... घर से वापिसी द्वारा swati 297 पंद्रह दिन के हनीमून से वापिस घर लौटते हुए अधीर ने बीस दिन पहले सात फेरे लेने वाली पत्नी अवनी से बेड पर लेटे हुए गले में बाहें डालते ... डिग्री, लेकिन भविष्य नहीं [Indian Education System] द्वारा Om Prakash (45) 1k डिग्री के बाद भी बेरोज़गारी(भारतीय शिक्षा व्यवस्था की एक सच्ची कहानी)रमेश एक छोटे से गाँव में पैदा हुआ, जहाँ सपने बड़े थे ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी उस शाम की चाय द्वारा InkImagination (11) 321 उस शाम की चाय (जो मैं खुद से कह नहीं पाई)वाराणसी की शामें कभी पूरी तरह शाम नहीं होतीं।सूरज ढलते ही गंगा पर एक सुनहरा-सा पर्दा पड़ जाता है, ... 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