श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya --9 द्वारा insha 120 *आधी रात का हमला**रात गहरी हो चुकी थी जब दोनों अपने कमरे में लौटे।पूजा की भीड़ और शोर पीछे छूट चुका था। गाँव की गलियाँ धीरे-धीरे शांत हो रही ... ?अधूरी बुनाई, अधूरा संसार? द्वारा kantilal Rathod Badamiya 261 शीर्षक: अधूरी बुनाई, अधूरा संसारएक ऐसी प्रेम कहानी, जो पढ़ते-पढ़ते आँखें नम कर देगी। Introduction.कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं, छोटी-छोटी आदतों से जीते हैं। रोज़ साथ बैठना, एक-दूसरे की ... काश वो मुझे समझ पाती द्वारा Vijay 108 सिटी लाइफ हॉस्पिटल के गलियारे दोपहर तीन से पाँच बजे के बीच आम तौर पर बेहद शांत रहते थे। मॉनिटर्स की धीमी आवाज़ और फिनाइल की जानी-पहचानी खुशबू पूरे ... अनकहा सच (भाग - 13) द्वारा Vishakha Pareek (13) 1.2k अनकहा सच___हितेश के मम्मी-पापा राजू से लगातार हाथ जोड़कर माफी मांगते रहते हैं। उनकी आँखों से लगातार आँसू गिर रहे होते हैं। राजू और हितेश उन्हें इस तरह रोते ... अनकहा सच ( भाग - 14) द्वारा Vishakha Pareek 432 अनकहा सच_हितेश के पापा के अचानक बोलते-बोलते चुप हो जाने से राजू की घबराहट और ज्यादा बढ़ने लगती है। वह बिल्कुल चुप हो जाता है। हितेश और उसकी माँ ... ? मेरे हमराज़ का साया ? द्वारा sneha 177 लेखिका ~ स्नेहा एक रहस्य… एक अनकहा रिश्ता… और एक ऐसा हमराज़, जिसका सच रूह कंपा देगा!“कुछ राज़ अंधेरों में छिपे होते हैं, कुछ बंद कमरों में कैद होते हैं… ... अध्याय 2 — जब कॉलेज में आया ज़ायान मिर्ज़ा! ?? द्वारा sneha 87 दास्ताँ-ए-मोहब्बत कुछ लोगों की आमद से महफ़िल सजती है,और कुछ की आमद से पूरी महफ़िल ख़ामोश हो जाती है।कुछ चेहरे सिर्फ़ नज़र आते हैं,और कुछ चेहरों को देखकर नज़रें ... बारिश वाला प्यार द्वारा Radheshyam Patel 246 *बारिश वाला पहला प्यार*मेरा नाम पूजा है। मैं इंदौर के पास एक छोटे से गांव में रहती हूँ। मैं 19 साल की हूँ और अभी 12वीं पास की है। ... विद्दुक पार्ट 1 द्वारा AbhiNisha 282 विद्दुक पा 1कहते हैं कुछ लोग कभी खत्म नहीं होते मरने के भी बाद लौट आते हैं और उनमें से कुछ पुण्य आत्मा जो अपने सबसे प्यारी रूप में लौट आती ... काश मेरे पापा विचित्र होते द्वारा Wajid Husain 81 वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानीराम बहादुर रेलवे अस्पताल में कंपाउंडर थे। डोरिये की कमीज़, ख़ाकी नेकर और पैरों में घिसी हुई चप्पलें- यही उनकी पहचान थी। अस्पताल में डॉक्टरों ... पहचान मजीठा का नौजवान - अध्याय 1 द्वारा surinder Kumar Gupta 2.1k ### पहचान### सीज़न 1 — अध्याय 1### मजीठा का नौजवानएक सच्ची घटना से प्रेरित काल्पनिक उपन्यासरात के साढ़े ग्यारह बजे थे।लाहौर की सड़कों पर धीरे-धीरे सन्नाटा उतर रहा था। ... अनकही राहे द्वारा Ritu kumari 237 एपिसोड 1: वो नई दुकानवह पुराना जाना-पहचाना रास्ता आज थोड़ा अलग लग रहा था। शाम के धुंधले उजाले में जब मैं अपने हमेशा वाले मोड़ पर पहुँचा, तो देखा ... तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी, हैरान हूँ मैं द्वारा Ritu kumari 300 प्रस्तावना: उस शून्य की ओरजिंदगी जब इंसान को पटकती है, तो वह यह नहीं देखती कि उसके पैरों में छाले हैं या वह अकेला है। वह बस एक ऐसा ... अनकही परछाई द्वारा Ritu kumari 276 सन्नाटे की दरारेंमुंबई शहर की बारिश अपनी एक अलग ही फितरत रखती है। जब यह बरसती है, तो ऐसा लगता है जैसे आसमान ने शहर की तमाम चीखों और ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 8 द्वारा insha (100) 1.6k मिशाल ने धीरे से अपनी उंगली होंठों पर रखी। फिर वह दरवाज़े के पास गया और बिना आवाज़ किए हथियार तैयार कर लिया।कुछ सेकंड तक कोई हलचल नहीं हुई।फिर ... Mr. Ms. Fake - एपिसोड 52 द्वारा kajal jha 375 एपिसोड 52: बेसमेंट 21 का दरवाज़ारात काफी गहरी हो चुकी थी।शहर की सड़कें लगभग खाली थीं।एक काली कार तेज रफ्तार से Malhotra Estate की तरफ बढ़ रही थी।कार के ... जिंदगी की दूसरा किनारा द्वारा AbhiNisha 78 जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 38और वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर देव के घर में उसकी मां ज्योति अपने टेरिस पे चेयर पर बैठी हुई है बाहर अपने बड़े से गार्डन को ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 1 द्वारा insha (1.3k) 4.8k भाग 1 – "अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अकादमी के विशाल मैदान में नई भर्ती हुए अधिकारियों की लंबी लाइन ... थ्योरी ऑफ वन शू: रात, रिस्क और स्प्लेंडर - 13 द्वारा Shivam Dhuriya 519 Chapter 13हॉस्टल की पंचायत, कॉफी का भगोना और बगीचे की पहरेदारीदरोगा जी की बैठक से पनीर के पकौड़े खाकर और अपनी दोनों टांगें सलामत लेकर लौटना, कमरा नंबर 14 ... तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 21 द्वारा Khwaab 201 सुबह Aashi कॉलेज की लाइब्रेरी में बैठी अपनी नई कहानी के लिए कुछ विचार लिख रही थी। पिछले दिन प्रतियोगिता में मिली विशेष प्रशंसा ने उसके भीतर एक नया ... ध्रुव की तारा - भाग 31 द्वारा Anamika 735 ध्रुव की ताराभाग - ३१लेखिका "अनामिका"कमरे में बजती शहनाई और बाहर मेहमानों की चहल-पहल के बीच आखिरकार वो दिन आ ही गया। इतने महीनों की भागदौड़, थका देने वाली ... नामुमकिन इश्क - एपिसोड 58 द्वारा kajal jha 1.1k एपिसोड 58 तस्वीर में छिपा पिताकमरे में अचानक ऐसी खामोशी छा गई थी, जैसे वक्त कुछ पलों के लिए रुक गया हो।लैपटॉप की स्क्रीन पर वही तस्वीर खुली थी।तस्वीर ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 6 द्वारा insha (431) 2.6k मिशन रेतछाया मिशाल की पीठ पर चाकू से वार किया गया था, चोट दर्द कर रही थी, पर मिशाल का ध्यान अब भी सिर्फ मिशन पर था, और वान्या को ... BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 5 द्वारा insha (494) 2.6k " रेगिस्तान का मेला”गाँव में आए उन्हें लगभग तीन हफ्ते हो चुके थे।अब गाँव वाले उन्हें “राणा और गौरी” के ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 7 द्वारा insha (283) 2.1k **रेत में छिपा सच**रात के लगभग ढाई बज रहे थे।कमरे में सिर्फ एक लालटेन जल रही थी। उसकी कमजोर रोशनी दीवारों पर अजीब-सी परछाइयाँ बना रही थी। मिशन से ... जिंदगी की दूसरे किनारा - 37 द्वारा AbhiNisha (40) 1.5k जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 37और वही कुछ देर बाद अभिराज अस्पताल से बाहर आते हुए चलाकर अपने गाड़ी में पास जाता है और अपने दाई हाथ उठाकर बढ़ाते हुए कार के दरवाजा ... Devil's King or Queen - 14 द्वारा neha 6k अब तकमाही रानी से कहती है कि मेरे बॉस की तबीयत खराब है जिस कारण मुझे ही सारा काम करें पड़ेगाअब आगेमाही बाहर की तरफ जाने लगती है और अपने ... जिनीयस - 3 द्वारा Vijay (17) 1.1k मैं जहाँ से आती हूँ, वह एक बहुत छोटा-सा गाँव था।इतना छोटा कि खेती के अलावा गुज़ारा करने के ज़्यादा रास्ते दिखाई नहीं देते थे। ज़्यादातर परिवार अपनी खेती ... प्रेरणास्पंदन - 16-17-18-19 द्वारा Bhupendra Kuldeep 1.6k अध्याय:16मुख्य लक्ष्य की विस्मृति और जीवन की उड़ान मानव मन की यह एक बड़ी विडंबना है कि वह अक्सर बड़ीसमस्याओं के समाधान के बजाय छोटी और गौण बातों में इतना उलझजाता है कि अपने अस्तित्व के मूल लक्ष्य को ही भूल बैठता है। विमाननइतिहास की एक अत्यंत प्रेरणास्पंदन - 36-37-38-39 द्वारा Bhupendra Kuldeep (18) 1.4k अध्याय:36उत्कृष्टता की कोई सीमा नहीं और जेंडर कीदीवारें मानव समाज में जब भी कोई व्यक्ति शिखर पर पहुँचता है, तोउसकी सफलता का जश्न मनाया जाना चाहिए। लेकिन अक्सर यह देखागया है कि सफलता के मापदंड पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग रख दिए जाते ह