श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ेंं और PDF में डाउनलोड करें

    असमंजस
    by Satender_tiwari_brokenwords
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    कहानी - असमंजस किरदार - नव और सखी और एक असमंजस --------------------------------------------------------------कहानी काल्पनिक है और इसके किरदार भी काल्पनिक हैं।––----------------------------------------------------------नव एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था

    FEAR... YOU ARE NOT SAFE WITH YOU
    by Amar Kamble
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    ( A story by A.K. )                   आयशा फिर चिल्लाकर उठी। बेड पे उसके पास सोया हुआ करन‌ भी उसकी आवाज सुनकर ...

    दोहरी मार
    by Dr Narendra Shukl
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    आलू है । गोभी है । प्याज़  है । ‘ रात के करीब आठ बजे कड़कती ठंड में सुनसान - सी पड़ी सड़क के एक कोने में किसी बच्चे ...

    एक रात भानगढ़ के किले मे
    by adarsh pratap singh
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    मैं और मेरा दोस्त अमित बचपन से ही रात में बिना कहानियों को सुने हुए सोते नही थे। पिता जी हमको कहानिया सुनाते थे और अमित अपने घर को ...

    चिंटु - 26
    by V Dhruva Verified icon
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    बेला दरवाजे पर खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही थी। फिर वह धीरे से रूम का दरवाजा बंद करती है जहां चिंटू और सुमति आराम से सो रहे थे। पर उस ...

    स्टॉकर - 16
    by Ashish Kumar Trivedi Verified icon
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                            स्टॉकर                           (16)आश्रम आने के बाद ...

    नारीयोत्तम नैना - 5
    by Jitendra Shivhare Verified icon
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    नारीयोत्तम नैना भाग-5 राकेश के बेडरूम में कोलाहल होता हुआ देखकर धनीराम ने द्वार खोला--" तुम दोनों भाई-बहन फिर लड़ने लगे।" राकेश को भय था कि नूतन कहीं पापा ...

    ठौर ठिकाना - 1
    by Divya Shukla
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    ठौर ठिकाना (1) आज दिन भर की भागदौड़ ने बुरी तरह थका दिया था मुझे. घर में घुसते ही पर्स बेड उछाल दिया और सीधे वाशरूम में घुस गई. ...

    हाडी राणी
    by Dr Fateh Singh Bhati
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    हुकम, अब तो पलंग छोड़ो | बाहर पधारो | सासुजी मेरे को कह रहे है तुमने मेरे बेटे को आलसी बना दिया | ये तो सूर्योदय पूर्व उठ कर ...

    प्रेम मोक्ष - 5
    by अ, का, पुत्र
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    अजाब सिंह ने जी तोड़ मेहनत कर नेहा के माता पिता के बारे मे बहूत कुछ पता लगा लिया था, जैसे की जब उसने नेहा के आस पड़ोस मे पूछताछ ...

    पुण्यतिथि
    by Vinay Panwar Verified icon
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           "आज आपकी पुण्यतिथि,फिर वही रिश्तेदारों के फोन,वही गम में शरीक होने के ढोंग,थक चुकी हूँ इन सबसे अब ये बोझ नही उठाया जाता।"निखिल की तस्वीर को ...

    परिवर्तन की लहर
    by Anju Gupta
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    मुक्ता लगभग 25 वर्ष की थी और शहर के नामी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग में लेक्चरर थी l विभाग में ज्यादातर लोग बड़ी उम्र के थे , इसलिए उसका ...

    सुन रहे हो न बापू
    by Annada patni
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    सुन रहे हो न बापू अन्नदा पाटनी            कितने दिनों से सोच रही थी कि फोन करूँगी पर हर रोज किसी न किसी कारण रह ही जाता । कभी सोचती कि बात करूँ न करूँ , कहीं उन्हें क्रोध आ गया तो या बात अटपटी लगी तो । अब ग़ुस्सा आए तो आए , बात अटपटी लगे तो लगे , मैं आज उ

    किरदार - 2
    by Kirdar
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    तब मैं नही जानता था और ये कह भी नही सकता था कि ये साल मेरी जिंदगी बदलने वाला होगा । इस साल में ऐसा कुछ होगा जो मेरी ...

    मुख़बिर - 20
    by राज बोहरे
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    मुख़बिर राजनारायण बोहरे (20) मुठभेड़ मजबूतसिंह उस दिन अपने कंधे झुकाये जमीन पर आंख गढ़ाये हुए आता दिखा तो हम सबको उत्सुकता हुई । कृपाराम लपक के मजबूतसिंह से ...

    एक जिंदगी - दो चाहतें - 29
    by Dr Vinita Rahurikar
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    एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-29 खाना खाने के बाद सब लोग वापस ड्राईंगरूम में बैठ गये और फिर से गप्पे मारने का दौर शुरू हो गया। ...

    प्रकृति मैम - ठिकाने, ज़ायके, पोशाक
    by Prabodh Kumar Govil
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    ठिकाने ज़ायके पोशाकजब हम घर से कहीं बाहर जाने के लिए निकलते हैं तो एक उलझन मन ही मन हमें बेचैन करती रहती है। हम सोचते हैं कि दुनिया ...

    चुड़ैल वाला मोड़ - 16
    by VIKAS BHANTI Verified icon
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    टु गैदर वी...... मोटो और आये हुए लोगो को ढूंढने का सबसे पहला साधन संकेत के पास गूगल था । संकेत ने फोटो शॉप यूज़ करते हुए लोगो को ...

    मर्डर मिस्ट्री - 7
    by Vismay
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    मातरे जी कंप्यूटर रूम से भागते हुए समीर के पास आए और कहां की कंप्यूटर कीबोर्ड से इस बार मिसिंग लेटर ‘ S ’ है । समीर को अंदाज़ा हो ...

    राहबाज - 9
    by Pritpal Kaur Verified icon
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    निम्मी की राह्गिरी (9) वो छिप छिप कर मिलना दोनों डब्बे उठाये अनुराग के बारे में सोचती मैं घर चली आयी थी. घर आ कर माँ को मिठाई वाला ...

    फ़ैसला - 11
    by Rajesh Shukla
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    फ़ैसला (11) अगले दिन सवेरे सिद्धेश ऑफिस जाने के लिए तैयार ही हो रहा था कि अचानक किसी ने कॉल बेल बजायी। उसकी आवाज से सिद्धेश भी खिड़की से ...

    सत्या - 17
    by KAMAL KANT LAL
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    सत्या 17 शराब के नशे में लड़खड़ाता शंकर चला जा रहा था. अपनी गली में मुड़ते ही उसने सविता को घर के बाहर औरतों से घिरा हुआ देखा. उसे ...

    अस्वत्थामा (हो सकता है) - 4
    by Vipul Patel
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                      फिर थोडे ही दिनो मे मालती अपने मिलनसार स्वभाव और पढाई करवाने की अपनी बहेतरिन और अनोखी रीत से वो यूनिवर्सिटी के स्टाफ और स्टुडण्ट के साथ घुलमिल ...

    इज़हार
    by Dilbag Singh Virk
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    इज़हार "हैलो, निखिल...किस सोच में डूबे हो।" - इंदु ने निखिल को चुपचाप बैठे देखकर पूछा। रूचि और सुरेश भी उसके पीछे-पीछे पहुँच गए। "कुछ खास नहीं, बस यूँ ...

    HELP ME APP
    by Rudra Sanjay Sharma
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    जहाँ देखो वहाँ सभी जगह मासूम लड़कियों के साथ बर्बरता से बलात्कार की खबरें आम हो गई है।पूरा देश इस घिनोने अपराध को अनेको प्रयासों के पश्चात भी होने ...

    मेरी अधूरी प्रेमकहानी
    by Archana Yaduvanshi
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    आँखों से निकलते हैं आँसूजब याद आती है तेरी हर बाततू भूल गया होगा शायदमुझे नहीं भूलती वो रात।वो जिद तेरी कि गर्लफ्रेण्ड बन जाओवो इनकार मेरा कि नहीं ...

    दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 13
    by Pranava Bharti
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    दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 13-टच-मी-नॉट अम्मा के घर पर ऊपर छज्जे के बीचों-बीच एक सीमेंट का सुंदर सा गमला बना हुआ था | शायद छज्जा ...

    मंज़िलों का दलदल - 2
    by Deepak Bundela Moulik
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    गुंजन का रुदन तेज़ होते जा रहा था शायद उसे अपने किये पर पश्चाताप हो रहा था... शायद वो ये सोच रही थी इन आसुओं से उसका किया गया ...

    गुरप्रीत
    by Pallavi Saxena
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    धीरे-धीरे दिन हफ्ते महीने बीत चले है। अब साल खत्म होने को है। जैसे-जैसे परीक्षा का समय निकट आ रहा है, वैसे-वैसे मेरे दिल की धड़कनों में इज़ाफ़ा होता ...

    सबरीना - 28
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (28) दानिकोव की लार टपकाती निगाह दानिकोव बार-बार सबरीना की ओर देख रहा था। सुशांत ने एक बार दानिकोव और फिर सबरीना को देखा। सबरीना ने पहले सुशंात ...