श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां तनाव से राहत की ओर...:चिंता से आनंद की ओर यात्रा.. द्वारा Prashanth B 4.7k तनाव से राहत की ओरक्या आपको तनाव महसूस हो रहा है? काम का दबाव, मन का बिना रुके दौड़ना, रात में नींद न आने की बेचैनी, छोटी-छोटी बातों पर ... शरीक़-ए- ज़िंदगी द्वारा Shree Kriti (41) 1.1k कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी भी आई थी...आखिर पुराने दोस्तों से मिलने की बात ही ... अधूरी मोहब्बत द्वारा aakanksha 1.8k राहुल का जीवन हमेशा शांत और अलग था। स्कूल के गलियारों में लोग उसे देखते, लेकिन कोई उसके दिल की गहराई तक नहीं पहुँच पाता। वह बातों में कम ... रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 1 द्वारा Tejendragodara 177 भाग 1: कबाड़खाना, कौतूहल और कालचक्र रामपुर गाँव की दोपहरें हमेशा से बेहद सुस्त और बोझिल हुआ करती थीं, खासकर मई के इस कड़कड़ाते महीने में। जब गाँव के बाकी ... तक़दीर के तूफ़ान और प्यार की जीत - 1 द्वारा nidhi mishra 225 **कहानी का शीर्षक:** **“तक़दीर के तूफ़ान और प्यार की जीत”**### अध्याय १: मुंबई की मिट्टी और बचपन की महकमुंबई। सपनों का शहर, जहां हर कोई कुछ बनने की जद्दोजहद में ... Ishq ka Ittefaq - 3 द्वारा Alok (26) 729 कॉरिडोर का वो अंधेरा कोना अब भी कबीर मेहरा की भारी साँसों से सुलग रहा था.सिया तो अपने सधे हुए कदमों से गेस्ट- हाउस की तरफ जा चुकी थी, ... Ishq ka Ittefaq - 1 द्वारा Alok (47) 1.7k शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे ... तेरहवा द्वार - 1 द्वारा InkImagination 282 भाग 1शापित हवेलीरात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे ... चलो दूर कहीं..! - 19 द्वारा Arun Gupta 189 चलो दूर कहीं.. 19सुमी की चुप्पी प्रतीक्षा को खाए जा रहा था, प्रतीक्षा की सिसकियां रात के उस निरव वातावरण में प्रतिध्वनित होकर ऐसे गूंज रही थी मानो पुरी ... The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty (19) 996 "रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 साल की छोटी आन्या अपने रास्ते से भटक कर घने जंगल के ... उसकी गलती क्या थी? - 2 द्वारा blue sky and purple ocean 252 Elena ने अपनी आँखों से वो सब देखा…जो उसके पिता उसकी माँ के साथ करते थे।उसकी माँ बार-बार रोते हुए कह रही थी—“मत मारो…”लेकिन उसके पिता ने उसकी एक ... The Silent Witness द्वारा Priya Chaudhary (23) 414 एक बार दो शैतान बच्चे जंगल के दोनों तरफ बाँध रहे थे, सबको बड़े अच्छे से प्रसाद दिया तभी उन्होंने एक बूढी बाघिन को देखा और सोचा एक बदमाशी ... मंजिले - भाग 50 द्वारा Neeraj Sharma 429 "समाधी" बैठे कभी धयान लगा है, नहीं न, लगना भी चाहिए, योग तक़ गए हो नहीं ना... जाते कयो नहीं... कोई कोई न कोई अतीत की असली कारगुजरिया की ... त्रिशा... - 47 द्वारा palvisha (35) 996 "त्रिशा.........." "जल्दी कर लो ना यार!!!!!!! आधे दिन की ही छुट्टी मेरी!!!!!!! जल्दी चलो ना!!!!!!" बाहर से आते राजन की तेज आवाज ने त्रिशा को उसके ख्यालों से जगाया और वह ... मैं ऐसी क्यों हूं द्वारा Vandna Sharma 129 ===========================वो बचपन बहुत याद आता है वो मस्ती भरे दिनवो पीपल की छाँववो सखियों का साथलाल-परी-नीली परीपोशम्पा - भाई - पोशम्पाबोल मेरी म त्रिशा... - 48 द्वारा palvisha 249 त्रिशा ने एक बार गाड़ी में बैठे राजन को देखा और देखती रह गई। फिर उसकी नजर वहां खड़े उन सभी लोगों पर गई जो उसे ही घूर के ... ज़ख्मों की शादी - 21 द्वारा Sonam Brijwasi 180 सुबह का समय था। घर में अजीब सी चुप्पी थी। कबीर ने बिना बहस किए धीरे से कहा,सृष्टि… हमें डॉक्टर के पास चलना चाहिए।सृष्टि ने विरोध नहीं किया। उसकी आँखें ... The Billionaire Werewolf's Obsession - 2 द्वारा Sipra Mohanty 231 स्वागत है दोस्तों एपिसोड 2 में! पिछले एपिसोड में हमने देखा कि आन्या मिस्टीरियस अरबपति विक्रांत सहगल के केबिन के बाहर खड़ी है, जिसने बिना जाने उसका नाम पुकारा ... एक अधूरी मां - 4 द्वारा Anjali kumari Sharma 114 नियति का क्रूर प्रहारसमय के साथ घर का माहौल थोड़ा शांत हुआ था। सूरज और राधा के बीच के झगड़े कम होने लगे थे। सूरज ने महसूस किया कि ... दुश्मनी के दरमियान इश्क (भाग -15) द्वारा Shivraj Bhokare 951 Part 15: टूटकर भी बाकीभरोसा जब टूटता है…तो आवाज़ नहीं करता।मगर उसके टुकड़े…दिल में गहराई तक उतर जाते हैं।-कॉलेज का वो दिन…कबीर और Myra दोनों के लिएकिसी अंत से ... Money Vs Me - Part 4 द्वारा fiza saifi 198 उस दिन मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी मन की मुराद अब बस पूरी होने ही वाली है। जैसे उस किताब में लिखे सारे आइडियाज़ सच में काम ... Bakri Dayan द्वारा Muskan Srivastava (1.9k) 3.4k यह कहानी शुरू होती है एक विशाल नगरी वसंत पुरी से जहां का राजा बहुत ही शक्तिशाली था वह एक लोकप्रिय राजा था प्रजा उसकी सारी बातें मानती थी और वह ... इस घर में प्यार मना है - 30 द्वारा Sonam Brijwasi 453 सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। स्विट्जरलैंड की ठंडी हवा कमरे में तैर रही थी। कमरे के दरवाज़े के पास खड़ा मोहन चुपचाप अंदर झाँक ... ध्वनि का विज्ञान : एकं पूर्ण समाधान द्वारा prem chand hembram (368) 4.2k ध्वनि का विज्ञान: एक पूर्ण समाधान आज के समय में मानवता शांति की खोज में है।मेडिटेशन ऐप्स से लेकर न्यूरोसाइंस प्रयोगशालाओं तक,थेरेपी कक्षों से लेकर आध्यात्मिक शिविरों तक—हर कोई मन ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी तपती धूप और प्यासे बेजुबान द्वारा Nitya Oswal 1.1k ️क्या आप जानते हैं कि चिलचिलाती धूप में बूंद-बूंद पानी के लिए तड़पते बेजुबानों को अनदेखा करना हमारी इंसानियत पर कितना बड़ा सवाल है? हमारे वेदों के परम 'आत्मवत् ... खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा द्वारा Hind Gaurav (12) 240 1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा (728-758 ईसवी)पिता नागादित्य एवं माता कमलावती के पुत्र बाप्पा, गुहिलोत वंश के वंशज थे। उनका जन्मनाम कालभोज था। प्रजा के संरक्षक व ... तेरे मेरे दरमियान - 111 द्वारा CHIRANJIT TEWARY (14) 573 रश्मी :- पर इन दो सालो मे क्या हमारी एक बार भी याद नही आई ..?आदित्य :- आई ... बहुत याद आई । आदित्य जानवी की और दैखकर कहता है ... यज्ञोपवीत जनेऊ क्या है ? क्यों पहना जाता है ? द्वारा Abhishek Chaturvedi (171) 2.6k यज्ञोपवीत जनेऊ क्या है ? क्यों पहना जाता है ?आपने देखा होगा कि बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। ... विचारों का संग्राम द्वारा prem chand hembram (266) 1.4k विचारों का संग्राम(उपशीर्षक: क्या मैं आस्तिक हूँ?)प्रातःकाल का समय था।पूरा नगर अभी नींद की गोद में था, पर पंडित सम्पूर्ण झा के आँगन से संस्कृत श्लोकों की मधुर, स्पष्ट ... मूल विज्ञान की अवधारणा: सिद्धांतों से पूर्व का अस्तित् ववेदांत 2.0 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani (103) 1.8k अस्तित्ववेदांत 2.0: सृष्टि, मनुष्य और सिद्धांतों के निर्माण से पहले की 'मूल विज्ञान' और 'केवल समझ' की अवधारणा का शोधसमकालीन दार्शनिक परिदृश्य में 'वेदांत 2.0' एक ऐसी क्रांतिकारी वैचारिक ...