श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें । मातृभारती

    खट्टी मीठी यादों का मेला - 15
    by Rashmi Ravija
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    (रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे, अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं. उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति ...

    गुमशुदा की तलाश - 14
    by Ashish Kumar Trivedi
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                       गुमशुदा की तलाश                          (14)सरवर खान ठेले के पास ...

    इंद्रधनुष सतरंगा - 11
    by Mohd Arshad Khan
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    ‘‘साहब, यह देखिए, असली सूती क़ालीन। सबसे महँगा। विलायत में बड़ी क़ीमत में बिकता है।’’ बानी कर्तार जी को अपने क़ालीन दिखा रहा था। ‘‘सचमुच, बड़ा सुंदर है!’’ कर्तार जी ...

    यादें - 1
    by प्रियंका गुप्ता
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    यादें...यादें...और यादें...। कितनी अजीब होती हैं न यादें...? कभी ब्लैक एण्ड व्हाइट, तो कभी सतरंगे इंद्रधनुष-सी रंग-बिरंगी...। वही यादें जो कभी तो जीने का संबल बन जाती हैं तो ...

    पथ के दावेदार - 7
    by Sarat Chandra Chattopadhyay
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    जलमार्ग से आने वाले शत्रु के जलयानों को रोकने के लिए नगर के अंतिम छोर पर नदी के किनारे मिट्टी का एक छोटा-सा किला है। उसमें संतरी अधिक नहीं ...

    शायरी
    by pradeep Tripathi
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    1.परिंदों के जो पऱ आये तो निकल पड़े जिंदगी का एहतराम करने को। उन्हें क्या मालूम था शिकारी घात लगा के बैठे हैं कत्ले आम करने को।।2माँ ज़िन्दगी का ...

    गार्जिलियन का साम्राज्य
    by Nikhil chakrani
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    गार्जिलियन का साम्राज्यइंसानी दुनिया के बीच मैं एक खुशखुशाल ज़िंदगी जी रही और ब्रेकप के गम को भूलनेके लिए अपने आलीशान पैलेस मैं पार्टी कर रही रिवाना अपनी ही ...

    पथ के दावेदार - 8
    by Sarat Chandra Chattopadhyay
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    जिन-जिन लोगों ने कमरे में प्रवेश किया वह सभी अच्छी तरह जाने-पहचाने लोग थे। डॉक्टर ने कहा, 'आओ।' लेकिन उनके चेहरे का भाव देखते ही भारती समझ गई, कम-से-कम आज ...

    चिंटू - 10
    by V Dhruva
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    सुमति जब सौम्या बनकर खुश थी वहां चिंटू की परेशानियां बढ़ रही थी। सुमति के जाने के बाद उसे पता चला उसने क्या खोया है। सुमति ने अपना नंबर ...

    पहला एस एम एस - 6
    by Lakshmi Narayan Panna
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    भाग-6कुछ देर बाद जेनी ने एक पर्ची पर मोबाइल नम्बर लिखकर दिया । आज राज कोई गलती नही करना चाहता था इसलिए कहा जेनी कहीं तुम भी तो धीर ...

    ज्ञान और मोह
    by Ajay Amitabh Suman
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    (1)    ज्ञान और मोह   दो राही चुप चाप चल रहे,ना नर  दोनों एक  समान,एक मोह था लोभ पिपासु ,औ ज्ञान को निज पे मान। कल्प गंग के तट पे दोनों,राही धीरे चले ...

    सौ कैंडल पॉवर का बल्ब
    by Saadat Hasan Manto
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    वो चौक में क़ैसर पार्क के बाहर जहां टांगे खड़े रहते हैं। बिजली के एक खंबे के साथ ख़ामोश खड़ा था और दिल ही दिल में सोच रहा था। ...

    चुड़ैल वाला मोड़ - 2
    by VIKAS BHANTI
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    शीशा नीचा होते ही लड़की ने सर भीतर की ओर डाल दिया और कुछ पलों के लिए भीतर मुआयना सा करने लगी | संकेत सहमा सा ड्राईवर सीट पर ...

    अब लौट चले - 4
    by Deepak Bundela Moulik
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    अब लौट चले -4तभी बस का हॉर्न बजा तो मेरी तन्द्रता भंग हुई... लोग बस में बैठने लगे थे... और बस धीरे -धीरे रेंगने लगी थी.. मन असमंजस में ...

    फिर भी शेष - 9
    by Raj Kamal
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    रितुपर्णा को पहले चरण में सफलता बहुत आसानी से मिल गई। यह सफलता शिक्षा—परीक्षा से संबंधित नहीं थी। पढ़ाई में उसकी रुचि तो पहले ही नहीं थी। स्कूल के ...

    प्रकृति मैम - गाकर देखो
    by Prabodh Kumar Govil
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    1.गाकर देेेे...मेरी नई - नई नौकरी वाला ये शहर भी सुन्दर था और वक़्त भी।ज्वाइन करने के लिए थोड़े से सामान के साथ यहां आया तो मैं पहले दो ...

    मेरी कहानी
    by Harsh Parmar
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          उंगली को पकड़ कर सिखलाता,       जब पहला क़दम भी नही आता…       नन्हे प्यारे बच्चे के लिए,       पापा ही सहाराआज भी ...

    मायामृग - 11
    by Pranava Bharti
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    उदित अपने स्वभावानुसार नौकरियाँ बदलता रहा था, विवाह के लगभग दो वर्षों के बाद शहर से बाहर भी दो-तीन वर्ष दोनों पति-पत्नी रह आए थे पास ही ...

    अधूरी हवस - 6
    by Balak lakhani
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                               (6) आपने आगे कहानी मे पाढा की खुशी ने राज से पूरी सच्चाई बताई की वोह ...

    सची का बस्ता
    by Yayawargi (Divangi Joshi)
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    सचि का बस्तामैं वेसे तो एक आम सा बस्ता हूँ पर खास तब बना जब मैं सचि का बस्ता बना…हा मैं ही हूँ सचि का बस्ता मैं ही सबसे ...

    The Seven Doors - 9
    by Sarvesh Saxena
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    कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा रशेल और वास्को सातवें दरवाजे यानी शैतानों की दुनिया में पहुंच जाते हैं जहां सारे शैतान मिलकर अपने शैतान देवता को बुलाने ...

    चिंटू - 9
    by V Dhruva
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    सुमति कुछ देर बाद किसी से बात करके वापस आती है। वह अब नॉर्मल दिख रही थी। काफी समय हो गया तो राजदीप और सुमति घर जाने के लिए ...

    माँ की पूर्ति
    by Sohail Saifi
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    सरद बाबू को विद्यालय की ओर से माँ के ऊपर  कुछ पंक्तिया लिखी मिली जिसको उनके बेटे ने लिखा था पुत्र द्वारा लिखी पत्रिका  पड़ पिता के भीतर संवेदना ...

    आसपास से गुजरते हुए - 11
    by Jayanti Ranganathan
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    सुबह-सुबह अप्पा ने जगा दिया, ‘अनु, उठ! वॉक पर चलते हैं!’ सुबह के छह बज रहे थे। मैं ‘ना नू’ करती हुई उठी। अप्पा ने गर्म झागदार कॉफी का गिलास ...

    एक औरत
    by Pritpal Kaur
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    कमरे में बंद दरवाज़ों के भीतरी पल्लों पर जड़े शीशों से छन कर आती रोशनी बाहर धकलते बादामी रंग के परदे, नीम अँधेरे में सुगबुगाती सी लगती आराम कुर्सी, ...

    हा यही प्यार है... - 8
    by Alpa
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    भाग 8 हा यही प्यार है..  अब  तक आपने जाना, राहुल usa जा रहा है, प्रिया राहुल की collage मे जाके राहुल के बारेमे उनके फ्रेंड्स से जानती है, ओर ...

    आखर चौरासी - 6
    by Kamal
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    बड़े भाई सतनाम की शादी के सिलसिले में गुरनाम अपने कॉलेज और हॉस्टल से छुट्टी लेकर पिछले पखवारे भर से घर आया हुआ था। पंजाबी शादी वाले घर का ...

    फिर भी शेष - 8
    by Raj Kamal
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    सुख—दुःख के इसी महाचक्र में, आनंद का एक प्रसंग उससे छिटक गया। वह भूल गई कि काजल का पत्र आया था। उस दिन आदित्य ने नीचे बुलाकर उसे दिया ...

    ROYAL COLLEGE 1992 - 5
    by Urvil V. Gor
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    पिछले पार्ट में देखा कि रोनाल्ड ओर रॉनी फाइल ले कर आए।अब रॉनी ने फाइल ओपन करी । फाइल में लिखा था SR.NO :-      56 NAME :-       DIVYA CHANDRAKANT ...

    MURDER MYSTERY - 1
    by Vismay
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    " लगातार बज रहीं टेलीफोन की घंटी की वजह से हवलदार मातरे की नींद खुल गई."                           ...