श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पढ़ें और PDF में डाउनलोड करें होम कहानियां ट्रेन्डिंग हो रहे हैं फ़िल्टर: श्रेष्ठ हिंदी कहानियां इस घर में प्यार मना है - 22 द्वारा Sonam Brijwasi सूरज की हल्की रोशनी कमरे में फैल रही थी। खुशी की आँखें धीरे-धीरे खुलीं। उसका चेहरा लाल था, लज्जा से। वो पल भर हिल नहीं पाई। रुद्रांश अभी भी ... आशिकी.....अब तुम ही हो। - 9 द्वारा vaishnavi Shukla 552 अब तक आपने पढ़ा...की श्रद्धा एक कुत्ते के बच्चे को बचाने के लिए अनिरुद्ध की कार के आगे आ जाती है जिसकी वजह से उन दोनो के बीच बहस ... त्रिशा... - 44 द्वारा vrinda 1.9k अस्पताल के गलियारे में बैठे त्रिशा के परिवार के सभी लोग उसके लिए चिंतित हो रहे है। सभी परेशान है और राजन तो टेंशन में इधर से उधर घूम ... त्रिशा... - 43 द्वारा vrinda 2.1k त्रिशा और राजन की खुशी पर डाॅक्टर के चैक अप के बाद अंतिम मोहर लग गई। डाॅक्टर मित्तल एक अधेड़ सी उम्र की महिला, उन्होनें त्रिशा का चैक अप ... मिस फाइटर प्लेन द्वारा antima आइए मिलते है इस कहानी की मुख्य नायिका से ईशानी शर्मा, जिसकी उम्र 23 साल है गोरा रंग, मध्यम कद, बादामी मोटी - मोटी आंखे जो कभी एक जगह ... त्रिशा... - 38 द्वारा vrinda 1.7k राजन ने उन लोगो के पास जाकर आदर से त्रिशा के पापा और मामा को नमस्ते कहा। उन्होनें भी उसे सुखी और सफल रहने का आशीर्वाद दिया। फिर एक ... तेज से जीव तक पंचतत्व त्रिगुण ओर जीवात्मा की पूर्ण चेतन यात्रा द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani (906) 7k आलेख ** आलेख ** **शीर्षक:** **तेज से जीव तक — पंचतत्त्व, त्रिगुण और जीवात्मा की पूर्ण चेतन यात्रा** लेखक: *अज्ञात अज्ञानी* ## भूमिका ... सपनों की डोली। - 4 द्वारा softrebel 402 _जिस दिन वह गया...-एक सुबह के बाद सबकुछ बदल गया।वह अपनी लाचारी पर भावुक हो चुकी थी ,उस रात विकास नगर के बादल ही नहीं नारायणी की आँखें भी ... विज्ञानवाद: जीवन को समझने का विशिष्ट ज्ञान। द्वारा yeash shah 1.4k ( विज्ञानवाद) -----------------------------------विज्ञान का अर्थ है विशेष ज्ञान, विशेष ज्ञान वह है, जो जीवन को जानने समझने में उपयोगी है। विज्ञानवाद के ४ स्तंभ है। #१.भरम ---(आंतरिक और बाह्य)(१) गलतफहमी(२) कहानी#२.सापेक्ष ... आड़ द्वारा कमल चोपड़ा 177 आड़ कमल चोपड़ा कई दिनों से असद ने न तो गायत्री को ही चराई के लिए भेजा था और न वह खुद ही घर से बाहर निकला था। ... झांसी: सौदा, कर्ज और बदला - 5 द्वारा Piyu soul 2.3k Episode 5: जाल का मालिक… और छुपा हुआ सचरात का सन्नाटा हवेली को अपनी गिरफ्त में ले चुका था।हर दरवाज़ा बंद… हर आवाज़ थमी हुई…लेकिन इस खामोशी के पीछे— ... दरवाजा: काली हवेली का श्राप - 3 द्वारा Piyu soul 267 एपिसोड 3 — “जिसे बचाना था… वही बन गया खतरा”अंधेरा…इतना गहरा कि सांस लेना भी भारी लगे।अर्विका के सामने वो दरवाज़ा खुला था…और उसके अंदर—पलक।लेकिन…वो पलक नहीं थी।उसकी आँखें…पूरी ... नागमणी की श्रापित नागरानी - 3 द्वारा Piyu soul 72 Episode 3: एक सौदा… जो किस्मत बदल देगा सुबहकी पहली किरण अभी मेंशन की खिड़कियों तक पहुँची ही थी…लेकिन मल्होत्रा मेंशन मेंरात जैसी बेचैनी अब भी फैली हुई थी।“अहान…!”दादी की ... तेरे मेरे दरमियान - 94 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 330 आदित्य :- पहली बात तो ये , के वो कहां है मुझे ये नही पता और मैने उसे क्यों पिटा ये जाकर तुम अपने पापा से पूछो । रही ... ध्वनि का विज्ञान : एकं पूर्ण समाधान द्वारा prem chand hembram (52) 2.1k ध्वनि का विज्ञान: एक पूर्ण समाधान आज के समय में मानवता शांति की खोज में है।मेडिटेशन ऐप्स से लेकर न्यूरोसाइंस प्रयोगशालाओं तक,थेरेपी कक्षों से लेकर आध्यात्मिक शिविरों तक—हर कोई मन ... नया बॉडीगार्ड - 1 द्वारा Miss Secret 168 मुंबई की रात हमेशा की तरह चमक रही थी।ऊँची-ऊँची इमारतों के बीच से गुजरती सड़कों पर गाड़ियों की लाइट्स किसी नदी की तरह बहती दिखाई दे रही थीं।लेकिन उस ... बिसात का आखिरी मोहरा - 1 द्वारा Aarti Garval 231 रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे ... श्रापित एक प्रेम कहानी - 67 द्वारा CHIRANJIT TEWARY 2.8k वर्शाली हैरानी से कहती है --> आपके घर ?एकांश कहता है --> हां मेरे घर । एकांश उत्साह से कहता है--> हां वर्शाली ! तुम्हें दैख कर मा पापा भी ... पवित्र बहु - 11 द्वारा archana 144 दिव्यम के दोस्त की शादी थी।हलचल, हँसी, तैयारियाँ…लेकिन इन सबके बीच चित्र का मन थोड़ा घबराया हुआ था।दिव्यम ने आते ही कहा—“चित्र, तुम अच्छे से तैयार हो जाना… आज ... त्रिशा... - 8 द्वारा vrinda 2.9k "अच्छा????" मैनें उसे देखकर मुस्कुराते हुए कहा। "हां तो अब बताओ चलो मुझे। शुरु से शुरु करके बताओ कि क्या क्या हुआ और यह बात यहां तक कैसे आई। " ... मौन नायक: कर्तव्य की अनकही जंग - 2 द्वारा Abhi Anand 189 पहली मुलाकात: बारिश और नीला छाताशहर में उस शाम अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान ने अचानक अपना रंग बदल लिया। काले बादल जैसे पूरे शहर को अपनी गिरफ्त ... मौन नायक: कर्तव्य की अनकही जंग - 1 द्वारा Abhi Anand (50) 4.2k हर कहानी में एक नायक होता है, पर कुछ नायक ऐसे भी होते हैं, जो कभी अपने लिए नहीं जीते। वो चुप रहते हैं, मगर हर पल लड़ते रहते ... रक्त की प्यास (भाग-2) द्वारा Shivraj Bhokare 504 भाग 2: कुएँ का रहस्यसुबह की रोशनी हवेली के अंदर घुस तो रही थी…लेकिन अंधेरा पूरी तरह हट नहीं रहा था।जैसे हवेली के किसी कोने में अभी भी रात ... अदृश्य पीया - 26 द्वारा Sonam Brijwasi 306 (सुबह। सुनीति आईने के सामने खड़ी है। उसका चेहरा थोड़ा थका हुआ, पर आँखों में अजीब चमक।)सुनीति (खुद से) बोली - “पता नहीं क्यों…आज दिल कुछ अलग ही महसूस कर ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी बचपन की सिख द्वारा RM 183 लगभग हर दिन, मैं एक और खबर देखती हूँ, जो बताती है कि बच्चे अविश्वसनीय रूप से क्रूर चीजें कर रहे हैं।हर हफ्ते एक खबर आती है कि स्कूल ... Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 12 — इन्साफ़ द्वारा Varun Vilom 543 सुबह का समय था। एक दुबला-पतला युवक थाने की ओर जा रहा था। हाथ में स्टील की केतली और छह चाय से भरे काँच के गिलास। रोज़ का काम। ... डायरी का वो आखरी पन्ना - 2 द्वारा Std Maurya 306 प्रियांशी अचानक तेजी से आगे बढ़ी। इससे पहले कि वह आदमी कुछ समझ पाता, उसने पूरे जोर से अपने पैर से उसके गुप्त अंग पर वार कर दिया।वह दर्द ... वेदांत का सार: आपके अनुभव में द्वारा Prashanth B 2.4k अध्याय 1: अक्षरों का जाल और बोध की गहराईहमारी आस-पास की दुनिया में धर्म, ईश्वर और सत्य के बारे में बात करने वालों की कोई कमी नहीं है। पुस्तकालय ... Mafia's Obsessed Love - 8 द्वारा Priyanka Saini 435 अब तक ....ठीक उसी वक्त, कहीं दूर स्टेशन पर एक ट्रेन रुकती है…और उस ट्रेन में चढ़ती है श्री — कांपते हाथों से टिकट पकड़कर, चेहरे पर डर और ... चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 2 द्वारा Miss Secret (72) 4.2k आयान का मन शिजा को लेकर उसी दिन से उलझन में था। वह हर दिन लाइब्रेरी में अपनी जगह पर बैठी रहती, अपनी किताबों में इतनी खो जाती कि ...