प्यार की एक नई शुरुआत - 7 Leela nagetiya द्वारा नाटक में हिंदी पीडीएफ

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प्यार की एक नई शुरुआत - 7

आदित्य और रोहित मायरा के पीछे चल ही रहे थे.

मायरा कहती है, चलो हम लोग आइसक्रीम खाते हैं।

दोनों ने तुरंत राहत की सांस ली और कहा, ठीक है।

मायरा पार्लर से तीन मजेदार आइसक्रीम लेकर आती है.

तीनों बातें करते हुए आइसक्रीम खा रहे थे.

तभी पीछे से अचानक एक आवाज आती है, मायरा!

मायरा सोचती है, उफ! कौन आ गया यार?

पीछे मुडकर देखती है, तो वह उसकी कजिन निकिता थी.

मायरा को याद आता है कि निकिता ने ही उसे उस लडके से मिलाया था.

निकिता असल में मायरा से जलती थी और आदित्य को पसंद करती थी.

वह आदित्य के प्यार में नहीं, बल्कि उसके पैसों पर मरती थी.

मायरा सोचती है, छोडो, यह सब हिसाब बाद में पूरा होगा।
मायरा नकली मुस्कुराकर कहती है, निकिता! कैसी हो तुम?
निकिता जवाब देती है, मैं ठीक हूँ, चलो साथ शॉपिंग करते हैं।

मायरा कहती है, नहीं, मेरी शॉपिंग हो गई, हम जा रहे हैं।
तभी निकिता कहती है, अरे रोहित! तुम भी आए हो, हाय।
रोहित अनमने मन से कहता है, ठीक हूँ मैं" और आइसक्रीम खाता है.

निकिता आदित्य को देखकर कहती है, हाय आदित्य, कैसे हो?

आदित्य रूखे अंदाज में कहता है, क्यों, दिख नहीं रहा हूँ?
यह सुनकर मायरा और रोहित अपनी हँसी रोकने लगते हैं.
मायरा कहती है, ठीक है निकिता, तुम शॉपिंग करो, ये लो आइसक्रीम।

मायरा अपनी बची हुई आइसक्रीम निकिता को थमा देती है.

फिर आदित्य, मायरा और रोहित वहाँ से सीधे आगे चल देते हैं.

तभी चलते हुए मायरा की नजर एक गेम स्टोर पर पडती है.
मायरा कहती है, अरे रुको, चलो सब मेरे साथ गेम स्टोर में!
आदित्य कहता है, तेरे पास इतने टेडी बियर हैं, और खरीदेगी क्या?

रोहित भी कहता है, हाँ भाई, मैं तो नहीं जीतने वाला।
मायरा कहती है, मुझे टेडी बियर नहीं, वो किताब जीतनी है।

आदित्य काँच के अंदर झांककर किताब का नाम पढता है, लुकीजम?

वह कहता है, यह तो किसी दुखी किस्म की मानवा (Manhwa) है ना?

मायरा मुस्कुराती हुई कहती है, हाँ आदित्य, तूने सही समझा।

मायरा पूछती है, तुझे इस मानवा के बारे में पता है क्या?
आदित्य कहता है, ज्यादा कुछ नहीं, जितना पता था बता दिया।

मायरा कहती है, जो भी हो, मुझे यही किताब चाहिए।
रोहित शान से आगे बढकर कहता है, अरे, यह तो मेरे बाएं हाथ का खेल है!

तभी स्टोर का अटेंडेंट आकर कहता है, सुनिए सर, एक नियम है।

आपको बिल्कुल बीचों- बीच निशाना लगाना है, दूसरी चीज नहीं हिलनी चाहिए।

साथ ही, इस किताब को जीतने के लिए इसे छह बार करना होगा।

रोहित पहले थोडा परेशान होता है, फिर कहता है, ठीक है, कर लूँगा।

रोहित जैसे ही गेम स्टार्ट करता है, पहली ही बार में बाहर हो जाता है.

आदित्य हँसकर कहता है, लो भाई, तुम्हारे बाएं हाथ का खेल खत्म!

अब मायरा आगे बढती है और गेम खेलना स्टार्ट करती है.
मायरा चार बार तो बहुत अच्छे से निशाना लगा लेती है.
पर पाँचवीं बार में पास का दूसरा खिलौना जरा सा हिल जाता है.

मायरा उदास हो जाती है कि तभी वहाँ आदित्य आगे आता है.

आदित्य बहुत ही शांत दिमाग से मशीन का हैंडल संभालता है.

वह अपनी सूझबूझ से आराम से लगातार छह बार गेम जीत जाता है.

और मशीन से वह' लुकीजम' की किताब नीचे गिर जाती है.
और मशीन से वह' लुकीजम' की किताब नीचे गिर जाती है.
मायरा अपने हाथ में किताब लेकर दौडकर आदित्य को गले लगा लेती है.

वह खुशी से झूमते हुए कहती है, थैंक You आदित्य!
आदित्य मुस्कुराकर कहता है, ठीक है ना, चल अब यहाँ से चलते हैं।

तीनों मॉल से बाहर आते हैं और अपनी गाडी में बैठकर वहाँ से चले जाते हैं.

ड्राइवर गाडी चला रहा था, मायरा और आदित्य पीछे की सीट पर बैठे थे.

लंबी शॉपिंग के बाद मायरा बहुत थक चुकी थी.
वह धीरे से आदित्य के कंधे पर अपना सिर रखकर सो जाती है.

आदित्य जब आगे की सीट पर रोहित की तरफ देखता है, तो वह भी सो रहा था.

थोडी देर बाद जब गाडी घर पहुँचती है, तो आदित्य दोनों को उठाता है.

वह हल्के से हिलाकर कहता है, चलो- चलो, उठो! घर आ गया है।

आदित्य बाहर खडे एक चौकीदार को बुलाता है.
वह शॉपिंग के सारे बैग्स चौकीदार को देते हुए कहता है, ये लो।

फिर वह मायरा और रोहित की तरफ देखकर कहता है, ठीक है मायरा और रोहित, मैं चलता हूँ।

मायरा उसका हाथ थामकर जिद करती है, अरे! ऐसे कैसे? अंदर चल आदित्य।

आदित्य मना करते हुए कहता है, नहीं यार, मैं बहुत थक गया हूँ, घर पर जाकर आराम करूँगा।

तभी मायरा आदित्य को रोकती है और कहती है, अरे रुको, एक मिनट! ये ले जा.

मायरा चौकीदार से एक बैग लेती है और उसे आदित्य की तरफ बढा देती है.

वह मुस्कुराकर कहती है, आज मेरी शॉपिंग में मदद करने के लिए यह तुम्हारा इनाम है!

मॉल में जब तुम उधर देख रहे थे, तब मैंने चुपके से यह तुम्हारे लिए ही खरीदा था।

आदित्य उस गिफ्ट बैग को देखता है और हल्के से मुस्कुरा देता है.

आदित्य कहता है, अगर तुझे मुझे इनाम में कुछ देना ही है, तो बस एक वादा कर।

मुझसे वादा कर कि अगली बार तू मुझे अपनी शॉपिंग पर कभी साथ नहीं ले जाएगी।

मायरा शरारत से हंसती है और कहती है, अगले जनम में इस बारे में सोचूँगी!

आदित्य थका हुआ चेहरा बनाकर कहता है, अब तुझसे बहस करने की एनर्जी नहीं बची।

ठीक है बाबा, मैं चलता हूँ, कहकर आदित्य अपनी गाडी में बैठ जाता है.

वह हाथ हिलाकर Bye कहता है और गाडी वहां से आगे बढ जाती है.

तभी पास खडा रोहित थोडा सा मुँह बनाकर मायरा से कहता है, चलो, ठीक है हम भी अंदर चलते हैं।

पर यार, तूने मेरे लिए कुछ नहीं खरीदा? मॉल में हेल्प तो मैंने भी की थी ना!

मायरा रोहित को चिढाते हुए कहती है, अच्छा जी! पहली ही बार में गेम हारने वाले को भी इनाम चाहिए?

रोहित अपनी बगलें झांकने लगता है, तो मायरा हंसकर उसका कंधा थपथपाती है.

वह प्यार से कहती है, चलो- चलो, पहले अंदर चलो, फिर देती हूँ आपका भी सरप्राइज!

दोनों मुस्कुराते हुए शॉपिंग बैग्स के साथ अपने घर के अंदर चले जाते हैं

मायरा मुस्कुराते हुए अंदर जाती है और रोहित के लिए एक बॉक्स निकाल लाती है.

रोहित जब उत्सुकता से उस बॉक्स को खोलकर देखता है, तो उसकी आँखें चमक उठती हैं.

उसके अंदर एक बहुत ही खूबसूरत और शानदार घडी रखी होती है.

रोहित बेहद खुश होकर कहता है, वाह मायरा! यह तो बहुत ही अच्छी घडी है, थैंक यू!

तभी मायरा की नजर सामने खडी अपनी मम्मी पर पडती है.

वह मुस्कुराते हुए उनके पास जाती है और उन्हें दो शॉपिंग बैग थमा देती है.

मायरा कहती है, मम्मी, ये लो! इसमें से एक आपके लिए है और एक पापा के लिए।

और हाँ, रोहन भाई के लिए जो गिफ्ट है, वो मैं उन्हें बाद में दे दूँगी।

मम्मी मायरा के प्यार को देखकर मुस्कुराती हैं और उसे गले लगा लेती हैं.

इसके बाद, मायरा अपने बचे हुए शॉपिंग बैग्स और' लुकीजम' की किताब उठाती है.

वह थके हुए कदमों लेकिन चेहरे पर एक सैटिस्फैक्शन के साथ सीधे अपने Room की तरफ बढ जाती है.

कमरे में जाकर वह बैग्स रखती है और आराम से बेड पर लेट जाती है.

मायरा अपने Room में पहुँचकर शॉपिंग बैग्स एक तरफ संभालकर रखती है.

वह अलमारी से कुछ हल्के और कम्फर्टेबल कपडे निकालती है और फ्रेश होने चली जाती है.

फ्रेश होकर जैसे ही वह बाहर आती है, उसकी नजर दीवार पर लगी घडी पर पडती है.

वह समय देखकर चैन की सांस लेती है और खुद से कहती है, चलो, अभी बस रात के आठ ही बजे हैं।

वह अपने कमरे से निकलकर नीचे डाइनिंग एरिया की तरफ जाती है.

वहाँ रसोई में काम कर रही मार्था आंटी को देखकर वह कहती है, मार्था आंटी, प्लीज मेरे लिए खाना निकाल दीजिए ना।

मार्था आंटी प्यार से मुस्कुराते हुए जवाब देती हैं, हाँ बेटा, ठीक है, मैं अभी तुम्हारे लिए गरम- गरम खाना निकालती हूँ।

मार्था आंटी प्लेट में खाना परोसती हैं और मायरा आराम से बैठकर अपना डिनर पूरा करती है.

खाना खाने के बाद मायरा टेबल से उठती है और कहती है, मार्था आंटी, मैंने खाना खा लिया है।

अब मैं सीधे सोने जा रही हूँ, क्योंकि आज मॉल में घूम- घूमकर मैं बहुत ज्यादा थक गई हूँ।

मार्था आंटी कहती हैं, ठीक है बेटा, तुम जाओ और आराम करो।

मायरा वापस अपने Room में आती है और बेड पर लेट जाती है.

वह साइड टेबल पर रखी अपनी नई कॉमिक बुक' लुकीजम' उठाती है और उसके पन्ने पलटने लगती है.
वह लेटे- लेटे कुछ देर तक बडे चाव से उस किताब को पढती रहती है.

लेकिन थकान इतनी ज्यादा थी कि किताब पढते- पढते ही पता नहीं कब उसकी आँख लग जाती है और वह गहरी नींद में सो जाती है.

रात के सन्नाटे को चीरती हुई मायरा के कमरे से कुछ खौफनाक बडबडाहट गूँजने लगती है.

वह नींद में बुरी तरह तडप रही थी और उसके होंठ कांप रहे थे, प्लीज. मेरे साथ ऐसा मत करो!

तभी उसके सपने में निकिता की बेरहम और ठंडी आवाज सुनाई देती है, तुम्हें यह करना ही पडेगा मायरा।

अगर हमें वह करोडों का कॉन्ट्रैक्ट चाहिए, तो तुम्हें उस इंसान के साथ सोना ही होगा, समझे?

उसी खौफनाक अंधेरे के एक कोने में एक अनजान लडका खडा था, जिसकी गहरी आवाज गूँजती है.

वह लडका कहता है, लेकिन निकिता, अगर हम इसके साथ यह सब करेंगे, तो क्या यह भागने की कोशिश नहीं करेगी?
और क्या इसे बाद में यह सब कुछ याद नहीं रहेगा? लडका बडी चालाकी से पूछता है.

निकिता एक क्रूर मुस्कान के साथ अपने हाथ में एक शीशी लहराती है, यह मेडिसिन देख रहे हो?

हमारा काम पूरा हो जाने के बाद, हम यह दवाई इसे दे देंगे, जिससे इसके दिमाग से सब कुछ मिट जाएगा।

इसके तुरंत बाद, एक बेहद अंधेरे और सुनसान कमरे में मायरा को अकेला तडपने के लिए छोड दिया जाता है.

उस बंद दरवाजे के पीछे से मायरा की रूह कँपा देने वाली चीखें और सिसकियाँ आ रही थीं, प्लीज. मुझे छोड दो!

नहीं. मायरा अपनी ही एक खौफनाक चीख के साथ झटके से बेड पर उठ बैठती है.

अंधेरे में छिपा वह अनजान लडका आखिर कौन था, जिसने निकिता के साथ मिलकर मायरा की जिंदगी का यह घिनौना सौदा किया? अब जब मायरा के इस मासूम शरीर में आ चुकी मानवी की रूह को इस खौफनाक सच का पता चल चुका है, तो वह आगे क्या तबाही मचाएगी? क्या मानवी अपने कातिलाना अंदाज में निकिता से मायरा के एक- एक आंसू का हिसाब लेगी?