हिंदी आध्यात्मिक कथा किताबें और कहानियां मुफ्त पीडीएफ

    काली वध
    by S Bhagyam Sharma
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    • 38

    ‘‘क्या है री!.......... बोल.............क्यों भाग कर आ रही है?' ‘‘अत्ते......अत्तेय....कुंवारी की तरफ' ‘‘क्या बात है री? बोल तो।' ‘‘एक अबोध बच्ची...................चार साल की होगी। उसका शव पडा है अत्येय...............चेहरे व गले ...

    हनुमान जी महाराज
    by Ajay Kumar Awasthi
    • (14)
    • 180

                गोस्वामी जी हनुमान चालीसा में लिखते हैं कि हनुमान जी महाराज शंकर सुवन हैं; केसरी नंदन हैं; अंजनी के पुत्र हैं ;और  पवन सुत ...

    अमरनाथ धाम
    by Rekha Shukla
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    • 85

     अमरनाथ धाम  संसारमे अनगिनत शब्दोका सर्जन हुआ है, उनमे ' धर्म ' शब्द श्रेष्ठत्तम हैं. ' धर्म ' यानी धारण करना. जो समाजको गरिमा दे, समाजको तूटरे हुऍ, तितरबितर ...

    लंकापति रावण
    by Ajay Kumar Awasthi
    • (15)
    • 281

         रावण बुद्धिमान था, ऋषिपुत्र था, पंडित था, वेदों का ज्ञाता था, देवाधिदेव महादेव का भक्त था. उन्हें अपना गुरु मानता था फिर क्या कारण था कि उसका और ...

    कृष्ण ऑन व्हाट्सएप्प
    by Ajay Amitabh Suman
    • (14)
    • 234

    मेरे एक मित्र ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सोशल मीडिया पे वायरल हो रहे एक मैसेज दिखाया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण को काफी नकारात्मक रूप से दर्शाया गया है। ...

    गीता
    by Ajay Kumar Awasthi
    • (26)
    • 416

       श्रीमद्भगवतगीता के हर अध्याय को यदि गम्भीरता से पढ़ें तो पायेंगे कि यह जीवात्मा और परमात्मा के बीच संवाद है । अर्जुन मर्त्यलोक में रह रही समस्त  जीवात्माओं ...

    महाभारत के कुछ प्रसंग के भाव
    by Ajay Kumar Awasthi
    • (41)
    • 484

    महाभारत के कुछ प्रसंग जिनके निहितार्थ बड़े काम के हैं :- 1. सामना जब अपने प्रतिद्वंदी से हो तब आपकी तैयारी कितनी है यह ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है ...

    मंदिर में दान - दक्षिणा
    by r k lal
    • (30)
    • 274

    मंदिर में दान - दक्षिणाआर 0 के0 लालतेज बारिश हो रही थी,गांव के चौपाल में कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे कि इस बार सावन में बाबा ...

    बंद खिड़की
    by Sarvesh Saxena
    • (9)
    • 247

    देखता हूं जब मैं इस बंद खिड़की की ओर, दूर तक कुछ भी दिखाई न देता है, बैठकर चुपचाप जब देखता हूं इसकी ओर, तो हल्का सा कुछ मुझको सुनाई तो देता ...

    धर्म और जात
    by Veerendra Thawre
    • (8)
    • 220

    नमस्कार दोस्तों मैं वीरेंद्र मेहरावैसे तो धर्म  जिसके माध्यम से हम अपने जीवन को सादगी और सुचारू रूप से चलाने का कार्य करते हैं परंतु यही धर्म राष्ट्र की प्रगति ...

    ज्ञान की पिपासा...
    by shekhar kharadi Idariya
    • (13)
    • 345

    युरोप के पुर्वे प्रान्त में एक छोटा सा सुखी दंपती रहता था ।जिनका नाम था मिस पिन्टो और मिसिस हेनरी जो अपनी जिंदगी का निर्वाह खेतीबाडी से करते थे ...

    भैया संगम केहर बा?
    by r k lal
    • (19)
    • 247

    भैया संगम केहर बा?आर0 के0 लालप्रयागराज में लगने वाले कुंभ के संगम की बात आज पूरे विश्व में चर्चा का विषय है। उस दिन दिल्ली से प्रयागराज आते समय ...

    प्रार्थना ईश्वरीय शक्ति की तरंगों का एक स्वरूप
    by Bhupendra Kumar Dave
    • (7)
    • 376

    प्रार्थना ईश्वरीय शक्ति की तरंगों का एक स्वरूप                                                                      ...... भूपेन्द्र कुमार दवे   जब प्रकाश की किरणें अंतः में यकायक फूट पड़ती हैं] तब आत्मशक्ति लयबद्ध ...

    मूर्ति
    by Nirpendra Kumar Sharma
    • (22)
    • 302

    आज फिर खाना नहीं बना फूलो?? हारा थका लालू झोंपड़ी के बाहर ठंडे चूल्हे को गीली आंखों से देखता हुआ बोला। कहाँ से बने कित्ते दिन है गए तुम ...

    ब्रह्मचर्य...
    by Ajay Amitabh Suman
    • (62)
    • 790

    गुरुदेव क्या भोग और स्त्री का उपभोग करते हुए परम् ब्रह्म का साक्षात्कार किया जा सकता है, मुमुक्षु ने पूछा? बिल्कुल किया जा सकता है मुमुक्षु। गुरुजी ने कहा। अनेक ...

    प्रेम के साथ प्रयोग...
    by Ajay Amitabh Suman
    • (19)
    • 233

    लोग उस पर हंस रहे थे। वह  बुजुर्ग चुुपचाप उनके ताने सुन रहा था। बस कंडक्टर उसे बार-बार किराए के पैसे मांग रहा था। वह बुजुर्ग आदमी बार बार बोल रहे ...

    ईश्वर की मर्जी
    by Ajay Amitabh Suman
    • (16)
    • 285

    ऐसा आपने लोगों को अक्सर कहते हुए सुना होगा कि ईश्वर की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। इस सिद्धांत को मानने वाले लोगों के अनुसार, ...

    ज्ञानी भिखारी
    by Ashish Kumar Trivedi
    • (41)
    • 652

    ज्ञानी भिखारी ऋषि शौनक तथा अभिप्रत्तारी दोनों वायु देव के उपासक थे। एक दिन दोपहर को जब वह दोनों भोजन करने बैठे तो वहाँ एक ब्रह्मचारी आया और भिक्षा ...

    क्रोध पर विजय
    by Ajay Amitabh Suman
    • (55)
    • 776

    रमेश बहुत ही मेहनती वकील थे।वह अपने काम को ईमानदारी और परिपूर्णता से करना चाहते थे। एक सीनियर वकील के अंदर में वह काम करते थे। वह दिल्ली में काम ...

    ध्यान और पुनर्जन्म
    by Ajay Amitabh Suman
    • (48)
    • 589

    जब जब कोई मेरे अहम पर चोट पहुँचाता, तब तब मेरे मन में बैर उपजता। तब तब ध्यान के समय ये नकारात्मक विचार मुझे परेशान करने लगते। मेरे अहम ...

    मिलारेपा:एक हत्यारा बुद्ध
    by Ajay Amitabh Suman
    • (28)
    • 308

    मिलारेपा तंत्र साधना करता था और उसी वजह से उसकी मा ने उसके घर से बहार निकाल दिया था जब मिलारेपा तंत्र का ज्ञान ले कर घर लौटा ...

    दोस्त गणेशा
    by Varuna Mittal
    • (6)
    • 111

    ट्रिन-ट्रिन, ट्रिन-ट्रिन... अलार्म की आवाज़ सुनते ही अर्णव झट-से उठकर बैठ गया। इतने में मम्मी भी अर्णव के कमरे में आ पहुंची और बोली, ‘‘अरे, क्या बात है अर्णव? ...

    लिविंग टेड्डी एलिफेंट
    by Chandresh Kumar Chhatlani
    • (1)
    • 51

    "ट्रिन ट्रिन" घंटी बजते ही रानू और शानू दोनों दरवाज़े की तरफ भागीं। डैडी के घर आने का वक्त हो चला था और हमेशा की तरह जो बेटी दरवाज़ा ...

    गणेश
    by vinod kumar dave
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    • 127

    कलियुग का आरंभ हो चुका था, गोमती नदी के किनारे कुटिया बनाकर रहने वाला एक गरीब परिवार अपनी विपन्न स्थिति से त्रस्त था। छोटा सा परिवार था, माता पिता ...

    विज्ञान, भगवान और प्रमाण
    by Ajay Amitabh Suman
    • (33)
    • 452

    विज्ञान क्या है ? भगवान क्या है और ईश्वर का प्रमाण क्या है ? जहाँ तक विज्ञान की बात है तो ये पूर्णतया साक्ष्य पर आधारित अर्जित किया हुआ ...

    जीवन दर्शन
    by Rajesh Maheshwari
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    • 875

    जीवन दर्शन   मैं और मेरा मित्र सतीश, हम दोंनों आपस में चर्चा कर रहे थे। हमारी चर्चा का विषय था हमारा जीवन क्रम कैसा हो? हम दोंनों इस ...

    खुशी
    by Vishwajit kayal
    • (10)
    • 427

    खुशी हे ईश्वर सबका कल्याण हो|आपकी महिमा की सदैव स्तुति हो| खुशी वैसे तो बहुत छोटा सा शब्द है लेकिन हमारे जीवन मे इसके मायने बहुत बड़े है|अगर हम ध्यान ...

    पीपल पानी और वैतरणी पार
    by महेश रौतेला
    • (5)
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    मुझे उनके पीपप पानी में जाना था। कुमाऊं में मृत्यु के बारवे दिन पीपल पानी की प्रथा संपन्न की जाती है।लोग श्रद्धा से पीपल में, पानी ...

    अनार कली
    by Saadat Hasan Manto
    • (15)
    • 639

    अनार कली नाम उस का सलीम था मगर उस के यार दोस्त उसे शहज़ादा सलीम कहते थे। ग़ालिबन इस लिए कि उस के ख़द-ओ-ख़ाल मुग़लई थे ख़ूबसूरत था। चाल ...

    महापंडित रावण
    by Kavi Ankit Dwivedi Anal
    • (74)
    • 2.3k

    हमारे जीवन में कुछ पात्र ऐसे भी होते है जिनके बाह्य चरित्र से हम उनको निद्दा का पात्र बना देते है और उसी निंदा के कारण हम उनकी बहुत ...