हिंदी मानवीय विज्ञान किताबें और कहानियां मुफ्त पीडीएफ

    इतने बूढ़े भी नहीं कि न समझे
    by r k lal
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    इतने बूढ़े भी नहीं कि न समझे                                    आर 0 के 0 लाल   एक बेटे ने अपने पिता को निर्देश दिया कि उसके कुछ दोस्त आज उससे मिलने ...

    प्रकृति के प्रति मानवी संघर्ष
    by Alok Sharma
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    पृथ्वी पर समस्त जीवों मे मानव प्राणी सबसे ज्ञानी और उत्तम प्रकृति का है तथा मनुष्य मानव सभ्यता के शुरूआत से ही अपने जीवन जीने से संबंधित साधनो को ...

    सपने और ख़्वाब
    by Manjeet Singh Gauhar
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    ' सपने 'इस संसार में ना जाने कितने एेसे काम हैं, जो आज तक शायद किसी भी व्यक्ति नही किए होगें।जैसे एक काम ये भी है कि कोई भी ...

    टूटते सामाजिक रिश्ते
    by Rajesh Kumar
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    अगर इस सृष्टि की सबसे सुंदर रचना है तो वो है मनुष्य!मनुष्य का विवेकी होना, तथा आत्मज्ञान की ओर बढ़ना  ये कुछ गुण मनुष्य को बाकी जीवों से अलग ...

    वो बेकसूर..
    by Satyendra prajapati
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    ये खुदा तेरे बनाए इंसान से, अब इंसानियत बहुत दूर है।अब इन्हें इंसानियत पर नहीं, हैवानियत पर गुरूर है।बचे हैं जो कुछ इंसा यहां, क्या उनका इंसान होना कुसूर ...

    सिक्षा - Update education system
    by sachin ahir
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    बात ये ऐसी है थोड़ी गहराई से समझना,पहले परिस्थतिया जुदी थी अब जुदी है।थोड़ा नजरिया तो बदलो की,आज  जो रट रहे हो वो कल की रदी है ।।पुराने फूलों ...

    कुचक्
    by Vk Sinha
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              ? कुचक्र ?  अजय श्रीवास्तव अपनी ही धुन के पक्के पर सरल स्वभाव के एक स्वाभिमानी इंसान थे। परिवार में दो बेटियां इंदू और ...

    मां बाप की सेवा - अपने कर्मों का फल
    by Surya Pratap Ball Ji
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    देहरादून नामक एक शहर की बस्ती में एक चंदा नामक व्यक्ति रहते थे  फुल्के दो लड़के थे एक का नाम उज्ज्वल था और दूसरे का नाम छविराम था कुछ ...

    नशा करना एक गलत आदत है - नो स्मोकिंग
    by Surya Pratap Ball Ji
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    एक बड़े से शहर के पास एक गांव था उस गांव के चार परिवार एक गली मे रहते थे चारों परिवार के मुखिया जागेश्वर भोलानाथ शंभू नाथ और कन्हैया ...