कहानी "अगर तुम ना होते" में सुधीर और अवनि की जिंदगी के जटिल पहलुओं को दर्शाया गया है। सुधीर एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले की तैयारी में व्यस्त है, जबकि अवनि उसकी चिंता को महसूस करती है और उसकी खामोशी का कारण बताती है। अवनि, जो मानसिक रूप से परेशान है, एक पुरुष पर भरोसा नहीं कर पाती, क्योंकि उसके अतीत में कुछ बुरे अनुभव हैं। उसके माता-पिता उसकी शादी के लिए दबाव डालते हैं, लेकिन वह अकेले रहने का निर्णय लेती है। वह अपने माता-पिता से यह कहती है कि वह किसी भी पुरुष पर भरोसा नहीं कर सकती। अंततः, वह एक मुलाकात के लिए सहमत होती है, लेकिन यह स्पष्ट करती है कि वह उस विषय पर आगे बात नहीं करेगी। कहानी अवनि के संघर्ष, आत्म-खोज और मजबूत निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाती है। अगर तुम ना होते Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 12.3k 6.4k Downloads 23.1k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी पति पत्नी के रिश्ते के लिए आवश्यक आपसी विश्वास को दिखाती है। बिना आपसी विश्वास के यह रिश्ता खोखला है। आपसी विश्वास ही इसकी नींव है। यही प्रेम का आधार भी है। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी