कहानी एक लड़के की है जो अपनी सहेली स्तुति को गोलगप्पे खिलाने के लिए 5 रुपये माँगता है। वह दिन उसे याद आता है जब उसने पापा से जिद करके पैसे लिए थे, क्योंकि उसे पता था कि स्तुति को गोलगप्पे बहुत पसंद हैं। स्कूल के बाद, उसने हिम्मत जुटाकर स्तुति से कहा कि वह उसके साथ घर चले। हालांकि, वह उसके ऊपर विश्वास नहीं करती और थोड़ी नाराज होती है। फिर भी, वह उसके साथ चलने के लिए तैयार होती है, लेकिन चार फीट दूर रहने की शर्त पर। जब वे सचिन भाई की गोलगप्पे की दुकान पर पहुँचते हैं, तो लड़का उत्साहित होकर स्तुति से पूछता है कि वह गोलगप्पे खाएगी। उसकी आँखों में खुशी देखकर लड़का खुश होता है। वह सचिन भाई से पाँच गोलगप्पे माँगता है और मजाक में बताता है कि वह उसकी गर्लफ्रेंड नहीं है। यह कहानी युवा प्रेम, दोस्ती और छोटे-छोटे पलों की मासूमियत को दर्शाती है। एक तरफा प्यार Anubhav verma द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 54.1k 11k Downloads 52.2k Views Writen by Anubhav verma Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जो लोग एक तरफा प्यार करते है अपनी ज़िन्दगी को खुद बर्बाद करते है ! नहीं मिलता बिना नसीब के कुछ भी, फिर भी लोग खुद पर अत्याचार करते है !! जमीर हमसे बेचा ना गया.! वरना.. शाम तक हम भी अमीर हो जाते.! More Likes This पहली बारिश, पहला प्यार - 1 द्वारा priyanka katiyar तेरी चाहत में - 1 द्वारा kalpoporir kalpojagat प्यार की परीभाषा - 1 द्वारा Rishav raj Ishq ka Ittefaq - 1 द्वारा Alok चांदनी रात का वादा द्वारा kajal jha Life is not Easy For me - 1 द्वारा Priya kashyap सीप का मोती - 1 द्वारा manasvi Manu अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी