"रंगभूमि" प्रेमचंद द्वारा लिखित एक कहानी है, जिसमें समाज की विषमताओं और गरीबों की स्थिति को दर्शाया गया है। कहानी का आरंभ अमीरों के शहर और गरीबों की बस्तियों के बीच के अंतर को उजागर करता है। बनारस के पाँड़ेपुर में, जहां सूरदास नामक एक अंधा चमार रहता है, उसकी कठिनाइयाँ और जीवन की सच्चाईयों को दर्शाया गया है। सूरदास एक साधारण और दयालु व्यक्ति है, जो अपनी लाठी के सहारे सड़क पर बैठकर राहगीरों से दुआएँ मांगता है। कहानी में सूरदास की जीवनशैली, उसकी विचारधारा और उसकी सीमाएँ स्पष्ट की गई हैं। वह अपनी स्थिति को स्वीकार करता है और शादी की प्रस्तावना पर भी यह कहता है कि उसकी प्राथमिकता अपनी जीविका है। उसकी सोच यह है कि जब उसे खुद के लिए पर्याप्त नहीं है, तो किसी और की चिंता करने का क्या मतलब है। इस प्रकार, प्रेमचंद ने सूरदास के माध्यम से सामाजिक असमानता और गरीबों की जीवनशैली की जटिलताओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है। रंगभूमि अध्याय 1 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 40.2k 18.6k Downloads 32.2k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षमता रखता है। रंगभूमि के कथानक में अनेक रंग-बिरंगे धागे लिपटे हुए हैं। उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन और साथ ही, एक ग्राम सेवक का ईसाई परिवार है, जो गांव के चारगाह पर सिगरेट का कारखाना लगाने के लिए अधीर है। अनेक धनी व्यक्ति हैं, जिनके बीच अगणित अन्तर्विरोध हैं - लोभ, ख्याति की लालसा और महत्त्वाकांक्षाएं। महाराजा हैं, उनके अत्पीड़न के लिए रजवाड़े हैं। उपन्यास का घटनाचक्र प्रबल वेग में घूमता है। कथा में वेग और नाटकीयता दोनों ही हैं। Novels रंगभूमि ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षम... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी