कहानी "वसंत विहार" में भूपिंदर सिंह और इशरत हुसैन के बीच एक विचार-विमर्श होता है जिसमें धार्मिक और राजनीतिक पहचान के मुद्दों पर चर्चा की जाती है। इशरत भूपिंदर की सोच पर सवाल उठाते हैं, जो एक विवाद को जन्म देता है। बस यात्रा के दौरान, यात्रियों के बीच विभिन्न चर्चाएँ होती हैं, और एक नए बसंत विहार कॉलोनी के निर्माण की जानकारी सामने आती है। यह कॉलोनी दंगे के शिकार रिफ्यूजी के लिए बनाई गई है, जो स्थानीय लोगों के लिए जिज्ञासा और चिंता का विषय बन जाती है। नगर-प्रमुख की कवितामय उद्घाटन भाषण और कॉलोनी की बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चर्चा होती है, जो विकास की वास्तविकता को उजागर करती है। कहानी में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ मानवता की जटिलताओं को दर्शाया गया है। विद्याआरंभ Atul Arora द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.6k Downloads 8.6k Views Writen by Atul Arora Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जनवादी हिंदी लेखन के मुख्य हस्ताक्षर श्री श्रीनाथ जी हिंदी लेखन में १९७६ से २०१५ तक सक्रिय रहे। जोंक, मुक्तिपर्व एवं उपसंहार उनके प्रकशित कहानी संग्रह में से हैं । विद्याआरंभ उनकी अप्रकाशित कहानियों का संकलन , उनको मेरी श्रद्धांजलि है । More Likes This गरीब के बहते आंसु - 1 द्वारा prem chand hembram बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी