इस कहानी में एक पति और पत्नी के बीच बातचीत का वर्णन है। पत्नी, जो अपने पति को खाना लगाने के लिए कहती है, उसकी ऑनलाइन सर्फिंग को लेकर चिंतित है। पति, जो विज्ञान के प्रति उत्सुक है, मंगल ग्रह पर पानी मिलने की बात करता है और बताता है कि वहां जीवन बसने के आसार हैं। वह मजाक में कहता है कि वह मंगल ग्रह जाने का सोच रहा है, जिससे पत्नी चिंतित होती है। कहानी में पति की शिकायतें हैं कि पत्नी हमेशा वही खाना बनाती है और वह चाहता है कि खाना बदलें। अंत में, पति एकतरफा टिकट की बात करता है, यह बताते हुए कि वापसी की कोई व्यवस्था नहीं है। यह संवाद पति-पत्नी के बीच के रिश्तों, दिनचर्या और विज्ञान के प्रति उत्सुकता को दर्शाता है। व्यंग्यात्मक कथा sushil yadav द्वारा हिंदी पत्रिका 12k 3.5k Downloads 18k Views Writen by sushil yadav Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अरे मै ‘पांडे वाले मंगल ’ की नहीं कह रहा हूँ डोबी ...! मंगल ग्रह की बोल रहा हूँ.... मंगल ग्रह ......! वो.... उधर.... ऊपर आसमान देख रही हो .... वो जो यहाँ से करोडो मील दूर है नव-ग्रहों में से एक, उसकी ....समझी .... More Likes This रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 1 द्वारा kanta Rajkumar - 2 द्वारा Ram Make Hero - 8 द्वारा Ram Make Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी