कहानी "आइना सच नहीं बोलता" में अमिता एक कठिन समय का सामना कर रही है, जब उसके जीवन में सब कुछ बिखर गया है। कलाम साहब के विदा होने के बाद, वह अकेलेपन और दर्द से जूझ रही है। उसकी बहन रमा उसे सहारा देती है और वह अपने आंसू बहाकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करती है। अमोद जी और उनका बेटा चिराग भी अमिता के पास आते हैं और उसे सहारा देने की कोशिश करते हैं। अमिता अपने पति के नाम को सहारा मानती है, लेकिन उसके मन में गहरी उलझन है। दीपक, जो अमिता का पति है, अपने परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर चिंतित है और जानता है कि वह गलत कर रहा है। वह अपनी पत्नी नंदिनी और बेटे के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसके भीतर पिता का प्यार भी उसे परेशान करता है। यह कहानी भावनाओं, जिम्मेदारियों और जीवन के कठिनाइयों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दर्शाती है। अमिता की चिंता और दीपक की दुविधा इस कठिन समय में उनके जीवन को और अधिक जटिल बना देती है। आइना सच नहीं बोलता - 24 Neelima Sharma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 67.3k 4.3k Downloads 16.3k Views Writen by Neelima Sharma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अमिता सकते में थी। क्या हुआ माँ इतने हैरान-परेशान क्यों देख रहे तो मुझे तूने यह क्या पहना है क्या ! क्या पहना है मैंने साड़ी तो रोज़ पहनती हूँ , इसमें हैरानी वाली क्या बात है यह हलके रंग की साड़ी किसलिए पहनी है, माथे पर सिंदूर भी नहीं , अरे बेटा तूँ सुहागन है ! अच्छा माँ ! सच में सुहागन तो हूँ ! कहते हुए अमिता को बैठाते हुए खुद भी पास बैठ गई। माँ , सुहागन के रंग तो सुहाग की उपस्तिथि से ही तो........... बात बीच में ही रह गई और फिर बात करने का समय नहीं मिल पाया क्योंकि अब मिलने-जुलने वालों का ताँता लग गया था। मिलने आने वालों ने, विशेषकर परिवार की महिलाओं ने तो खास तौर पर , नंदिनी की वेशभूषा पर जरूर ध्यान दिया लेकिन कुछ कह नहीं पाए। नंदिनी की माँ ने यह देखा तो रो ही पड़ी। बेटी का घर बसाया था, वह भी उजड़ गया। अब उसकी इच्छा थी कि वे नंदिनी को साथ ले जाएँ। Novels आइना सच नहीं बोलता “रिश्ते सीमेंट और ईंटों की मज़बूत दीवारों में क़ैद हो कर नहीं पनपते... उन्हें जीने के लिये खुली बाहों का आकाश चाहिये। क्या विवाह हो जाना ही एक स्त्री... More Likes This कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी