कहानी "प्रेमा" का पहला अध्याय एक सुंदर और रंगीन कमरे में शुरू होता है, जहाँ संध्या का समय है और सूर्य की सुनहरी किरणें कमरे में झलक रही हैं। कमरे में एक युवा पुरूष, अमृतराय, गहरे विचारों में है। वह खूबसूरत और आकर्षक है, और उसके सामने एक कागज है जिसे वह बार-बार देखता है। वह अपने विचारों में इतना मग्न है कि उसे बाहर का माहौल और गतिविधियाँ नजर नहीं आतीं। इसी दौरान, एक व्यक्ति, दाननाथ, बाइसिकल पर आता है और अमृतराय से बातचीत करता है। अमृतराय दाननाथ को बताता है कि आज एक जलसा हुआ था जिसमें लाला धनुषधारीलाल ने एक प्रेरणादायक व्याख्यान दिया था। दाननाथ को इस व्याख्यान की जानकारी नहीं थी, और वह इसे सुनने के लिए इच्छुक था। अमृतराय लाला साहब की देशभक्ति और उनके विचारों की सराहना करता है, यह बताते हुए कि उनके व्याख्यान में लोगों को खींचने की शक्ति है। इस अध्याय में युवा पुरूषों की सोच, देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई है, जो कि प्रेमचंद की लेखनी का मुख्य तत्व है। प्रेमा - संपूर्ण उपनियास Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 6.5k 9.9k Downloads 46k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमा (हिंदी) अथवा हमख़ुर्मा व हमसवाब (उर्दू) प्रेमचंद का पहला उपन्यास है। यह १९०७ ई। में मूलतः उर्दू में प्रकाशित हुआ था। [1] इस उपन्यास में १२ अध्याय हैं। यह विधवा विवाह पर केंद्रित है। इसमें धार्मिक आडंबरों औ्र मंदिरों में व्याप्त पाखंड को उजागर किया गया है। यह प्रेमचंद के भविष्य की दिशा की ओर संकेत करने वाला उपन्यास है। More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी