इस कहानी में दाननाथ, अमृतराय के घर पहुंचते हैं और उन्हें संकोच होता है कि उन्हें क्या कहा जाएगा। वह अमृतराय के नौकर से मिलते हैं जो उन्हें देखकर प्रसन्न होता है। दाननाथ अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगते हैं और अपनी शंकाओं के बारे में बताते हैं कि कैसे उन्होंने प्रेमा के प्रति अविश्वास किया। वह अपने पुराने साथी के प्रति अपनी भावनाओं को स्पष्ट करते हैं और अपने किए गए आरोपों को गलत मानते हैं। दाननाथ अपने साथी को विवाह के महत्व के बारे में समझाते हैं और एक अविवाहित जीवन को आदर्श नहीं मानते। अंत में, अमृतराय दाननाथ को अपने घर पर रुकने के लिए आमंत्रित करते हैं और एक साथ भोजन और बातचीत करने का प्रस्ताव रखते हैं। यह कहानी दोस्ती, विश्वास और विवाह के महत्व के इर्द-गिर्द घूमती है। प्रतिज्ञा अध्याय 16 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.9k 4.1k Downloads 10.6k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी विधवा से शादी करना चाहता है ताकि किसी नवयौवना का जीवन नष्ट न हो। ..। नायिका पूर्णा आश्रयहीन विधवा है। समाज के भूखे भेड़िये उसके संचय को तोड़ना चाहते हैं। उपन्यास में प्रेमचंद ने विधवा समस्या को नए रूप में प्रस्तुत किया है एवं विकल्प भी सुझाया है। वनिता-भवन में जाकर पूर्णा मानसिक शान्ति का अनुभव करती है। वह भवन विधवाओं का आश्रम ही नहीं, उनका प्रशिक्षणाय भी है, वहं विधवाओं की बनी चीजों की बिक्री होती है और इससे उन्हें स्वावलम्बन का अनुभव भी होता है। जब दाननाद अपने मित्र को प्रतिज्ञा की याद दिलाते हैं तब अमृतराय वनिता भवन की ओर दिखाकर सूचना देते है कि अब उसका निर्वाह करने में ही प्रतिज्ञा पूरी होगी। Novels प्रतिज्ञा प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी वि... More Likes This BLAST - EPISODE 2 द्वारा Muhib Khan Just A Power System - 1 द्वारा Sam khan BLACK MONKEY - THE UNYIELDING - 1 द्वारा MK Tiger SHADOW KING - 1 द्वारा chetan chaware पिंकू की परी - 2 द्वारा Deepak Kumar Tiwari तलाश - गुम हुए पति की - 1 द्वारा Kishanlal Sharma सच्चाई का रक्षक - 1 द्वारा Veena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी