कहानी "प्रतिज्ञा" के इस अध्याय में प्रेमा एक आदर्श पत्नी के रूप में दाननाथ के घर आती है। वह गृहकार्य में निपुण है और घर को व्यवस्थित करती है, जबकि दाननाथ आलसी और अनियमित है। दाननाथ अपने खर्चों का ध्यान नहीं रखता और सामान्यतः अपने जीवन में अनुशासन की कमी महसूस करता है। प्रेमा ने अपने कौशल से घर के कामकाज में सुधार किया है, और अब सब कुछ एक व्यवस्था में चल रहा है। दाननाथ की माँ भी प्रेमा की मेहनत और समर्पण से खुश है, लेकिन वह चाहती है कि दाननाथ अपना पूरा वेतन उसे दे, ताकि वह सही तरीके से पैसे खर्च कर सके। दाननाथ और प्रेमा के बीच संबंधों में एक गहराई है, लेकिन दाननाथ की मनोभावनाएँ प्रेमा के प्रति स्पष्ट नहीं हैं। प्रेमा ने घर को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन दाननाथ की शंकाएँ अब भी बनी हुई हैं। प्रतिज्ञा अध्याय 10 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.9k 3.7k Downloads 9.9k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी विधवा से शादी करना चाहता है ताकि किसी नवयौवना का जीवन नष्ट न हो। ..। नायिका पूर्णा आश्रयहीन विधवा है। समाज के भूखे भेड़िये उसके संचय को तोड़ना चाहते हैं। उपन्यास में प्रेमचंद ने विधवा समस्या को नए रूप में प्रस्तुत किया है एवं विकल्प भी सुझाया है। पूर्णा उस्के चेहरे पर कुर्सी दे-मारकर भाग जाती है, कमलाप्रसाद बुरीतरह चोट खाकर गिर पड़ता है। पूर्णा भागकर अमृतराय की शरण में जाती है और वनिता भवन में आश्रय पाती है। पूर्णा के कारण कमलाप्रसाद की जगहंसाई होती है और वह पूरी तरह बदल जाता है। Novels प्रतिज्ञा प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी वि... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी