इस कहानी में प्रेमचंद ने विवाह के सामाजिक रस्मों और व्यक्ति के चरित्र में बदलाव पर ध्यान केंद्रित किया है। कहानी का मुख्य पात्र दाननाथ है, जिसका विवाह प्रेमा से बड़े धूमधाम से होता है, जबकि दाननाथ की ओर से कोई तैयारी नहीं थी। विवाह के बाद, कमलाप्रसाद और सुमित्रा के बीच का संबंध बदल जाता है। सुमित्रा, जो पहले उदास रहती थी, अब खुश है और कमलाप्रसाद की ओर से कम ध्यान दिया जा रहा है। कमलाप्रसाद का व्यक्तित्व भी बदलता है और वह उदार बन जाता है। वह अपने घर में पूर्णा का स्वागत करता है, लेकिन उसकी सरलता और दीनता उसे आकर्षित करती है। कहानी में सुमित्रा की चिंताएं भी व्यक्त की गई हैं, जिसमें वह पूर्णा के प्रति अपने स्थान को लेकर असुरक्षित महसूस करती है। कहानी में पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जटिलता को दर्शाया गया है, जिसमें प्रेम, ईर्ष्या और सामाजिक मानदंडों की भूमिका को समझा जा सकता है। अंततः, यह कहानी मानव स्वभाव के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है और रिश्तों की गहराई को दर्शाती है। प्रतिज्ञा अध्याय 8 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.2k 3.8k Downloads 10k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी विधवा से शादी करना चाहता है ताकि किसी नवयौवना का जीवन नष्ट न हो। ..। नायिका पूर्णा आश्रयहीन विधवा है। समाज के भूखे भेड़िये उसके संचय को तोड़ना चाहते हैं। उपन्यास में प्रेमचंद ने विधवा समस्या को नए रूप में प्रस्तुत किया है एवं विकल्प भी सुझाया है। एक कार्यक्रम में कमलाप्रसाद के भेजे गये गुणडे लोग अमृतराय पर आक्रमण करते है। पर प्रेमा बीच में आकर उन्हें रोकती है। उसके भाषण से चन्दा - वसूली कार्यक्रम सफल हो जाता है। पर इससे दाननाद और प्रेमा के बीच दूरियॉ बढ जाती है। Novels प्रतिज्ञा प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। प्रतिज्ञा का नायक विधुर अमृतराय किसी वि... More Likes This Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी