कहानी "हीरो चुलबुल कुमार" एक सन्डे की सुबह की है, जब दोस्त एक जगह इकट्ठा होकर हंसी-मजाक कर रहे थे। इस दौरान एक दोस्त ने फिल्म 'दबंग' से जुड़ा एक किस्सा सुनाया, जिससे लेखक को 'बिरजू' का किस्सा याद आया। लेखक मुम्बई जाने के लिए ट्रेन में सफर कर रहा था, लेकिन ट्रेन पहले से ही देरी से चल रही थी और गर्मी के कारण सफर कठिन हो गया था। ट्रेन में सभी लोग अपने-अपने में व्यस्त थे। एक आदमी ने बेखबर होकर सोते हुए एक हास्यपूर्ण स्थिति बनाई थी, जिससे सबका ध्यान उसकी ओर आकर्षित हुआ। अचानक ट्रेन एक तकनीकी समस्या के कारण रुक गई और यात्रियों की स्थिति और भी खराब हो गई। लेखक ने देखा कि लोग अपने-अपने काम में लगे हुए हैं, जबकि गर्मी में सब बेहाल हैं। सोते हुए आदमी ने जब सवाल किया कि क्या हुआ, तो कोई जवाब नहीं दिया। उसने बम्बई को 'बम्बई' कहकर स्थानीय भाषा में बात की। कहानी में हल्की-फुल्की बातें और हास्य का मिश्रण है, जो ट्रेन में यात्रा के दौरान होने वाली स्थितियों को दर्शाता है। हीरो चुलबुल कुमार Sanjay Nayka द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 10.3k 4k Downloads 12.1k Views Writen by Sanjay Nayka Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हीरो चुलबुल कुमार कहानी उस शख्स के बारे मे है जो अपनी तारीफ दुसरो से खूद करता है और दुसरे उसकी हरकतो पे मजा लेते है More Likes This Mr. Ms. Fake - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 1 द्वारा priyanka katiyar Rebirth of a Bench - Index द्वारा Amardeep Kumar God Wishar - 3 द्वारा Ram Make Hero - 5 द्वारा Ram Make Potty Robbers and Me - 1 द्वारा BleedingTypewriter रशीली भाभी का जलवा द्वारा Md Siddiqui अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी