सआदत हसन मंटो, एक प्रमुख उर्दू लेखक, ने भारत-विभाजन की त्रासदी को गहराई से व्यक्त किया है, जो उन्हें सदी के महान लेखकों में शामिल करता है। उनकी पुस्तक 'सियाह हाशिए' विभाजन के दौरान हुई हिंसा का मार्मिक चित्रण करती है। मंटो का जीवन संघर्ष और उनके विचारों की गहराई को समझना आवश्यक है। मंटो का जन्म 11 मई, 1912 को लुधियाना के समराला में एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा में कई कठिनाइयों का सामना किया और मेट्रिक में तीन बार असफल रहने के बाद, 19 साल की उम्र में पास हुए। मंटो ने आल इंडिया रेडियो में काम करते हुए लगभग 100 रेडियो-नाटक लिखे। उनका लेखन समाज के अच्छाई और बुराई के पहलुओं को उजागर करता है, और उनके विचारों का आकलन करना अक्सर कठिन होता था। मंटो का काम, विशेष रूप से 'सियाह हाशिए', विभाजन के समय की जटिलताओं और हिंसा को एक नई दृष्टि से प्रस्तुत करता है, जो आज भी प्रासंगिक है। सियाह हाशिए - 1 BALRAM AGARWAL द्वारा हिंदी लघुकथा 6.4k 4k Downloads 10.4k Views Writen by BALRAM AGARWAL Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘सियाह हाशिये’ पाकिस्तान में बस जाने के बाद मंटो की तीसरी किताब थी जो ‘मकतबा-ए-जदीद’ से प्रकाशित हुई। सन् 1951 तक यह उनकी सातवीं किताब थी। वीभत्सता, उलझन, बेज़ारी, नफ़रत, दुख और क्रोध की बजाय मंटो कहीं-कहीं तो थोड़े दु:ख-भरे मसखरेपन के साथ मानव की दुरावस्था का तमाशा देखते हैं और इन छोटी-छोटी बातों में वह एक गहरी मानवीय-त्रासदी का पता लगाते हैं। इस किताब के बारे में मंटो खुद लिखते हैं—‘मुल्क के बँटवारे से जो इंकिलाब बरपा हुआ, उससे मैं एक अरसे तक बाग़ी रहा और अब भी हूँ…मैंने उस खून के समन्दर में गोता लगाया और चंद मोती चुनकर लाया— अर्के-इन्फ़िआल(लज्जित होने पर छूटने वाले पसीने) के और मशक़्क़त(श्रम) के, जो उसने अपने भाई के खून का आखिरी क़तरा बहाने में सर्फ़(खर्च) की थी उन आँसुओं के, जो इस झुँझलाहट में कुछ इंसानों की आँखों से निकले थे कि वह अपनी इंसानियत क्यों खत्म नहीं कर सके! ये मोती मैंने अपनी किताब ‘सियाह हाशिये’ में पेश किए।… (इसी किताब में शामिल लेख सियाह-कलम मंटो और ‘सियाह हाशिए’ से) Novels सियाह हाशिए ‘सियाह हाशिये’ पाकिस्तान में बस जाने के बाद मंटो की तीसरी किताब थी जो ‘मकतबा-ए-जदीद’ से प्रकाशित हुई। सन् 1951 तक यह उनकी सातवीं किताब थी। वीभत्सता, उ... More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी