कहानी "निर्मला" के नौवें अध्याय में, निर्मला अपने घर पर रह रही है जबकि उसकी बहन सुधा विवाह के बाद चली गई है। वकील साहब, जो सुधा के पति हैं, बार-बार निर्मला को बुलाते हैं, लेकिन वह जाने से कतराती है। उसे अपने माता-पिता और छोटे भाइयों की देखभाल में खुशी मिलती है। सुधा निर्मला को समझाती है कि वकील साहब दुखी हैं और उन्हें उसकी जरूरत है, लेकिन निर्मला उनकी चिंता को गंभीरता से नहीं लेती। सुधा बताती है कि वकील साहब के बच्चों में भी परेशानी है, खासकर जियाराम, जो अपने बड़े भाई की मौत के बाद बहुत गुस्से में है और निर्मला पर आरोप लगाता है। यह सुनकर निर्मला चिंतित हो जाती है और सोचती है कि अगर जियाराम अपने पिता से लड़ता है, तो उसके लिए कैसे स्थिति संभालना संभव होगा। निर्मला को बच्चों की चिंता सताने लगती है, और वह सोचती है कि उसकी जिंदगी की परिस्थितियाँ कठिन हो गई हैं। वह अपनी बच्ची को अपने पास और भी करीब कर लेती है, मानो उसे कुछ खोने का डर हो। इस बीच, सुधा को अपने बच्चों की चिंता नहीं होती, जिससे निर्मला और भी परेशान होती है। कहानी इस अंतर्द्वंद्व और चिंता के भावों के चारों ओर घूमती है। निर्मला अध्याय 9 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 26.2k 9.2k Downloads 18.7k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस्या उठाई है और बहुसंख्यक मध्यमवर्गीय हिन्दू समाज के जीवन का बड़ा यथार्थवादी मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया है। उधर भुवन मोहन निर्मला को अपने प्रेम-पाश में फाँसने की चेष्टा करता है और असफल होने पर आत्महत्या कर लेता है। Novels निर्मला प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस... More Likes This इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी