साहब एक उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी हैं, जो रिश्वत लेना अपने अधिकार के रूप में मानते हैं। एक दिन उन्होंने संकेत से 10 हजार रुपये मांगे ताकि वह उसके जमीन पर कब्जा करने वाले दबंगों से मदद कर सके। लेकिन जब से उन्होंने यह मांग की, साहब बेचैन रहने लगे। उनकी चिंता का कारण यह था कि उनके बेटे को अधरंग (पैरालिसिस) हो गया था। सभी प्रयासों के बावजूद उसे ठीक करने में कोई सफलता नहीं मिली। एक रिश्तेदार ने बताया कि एक गाँव में एक युवक अधरंग का इलाज करता है। साहब ने तुरंत उस युवक के पास जाने का निर्णय लिया। जब वह युवक के पास पहुंचे, तो साहब को पता चला कि वह युवक कोई और नहीं, बल्कि संकेत था। साहब ने संकेत के सामने गिरकर माफी मांगी। संकेत ने साहब को आश्वासन दिया कि वह मदद करेगा। उसने कुछ दवाइयाँ तैयार की और मंत्र पढ़कर साहब के बेटे को दिया। कुछ ही समय में बेटा चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया। साहब को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका बेटा पहले जैसा हो गया है। उन्होंने संकेत के सामने एक लाख रुपये की गड़डी रख दी, इस प्रकार साहब को अपने कर्मों की सच्चाई का एहसास हुआ। समय का संकेत Sonu Kasana द्वारा हिंदी लघुकथा 11.4k 2.2k Downloads 9.4k Views Writen by Sonu Kasana Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण समय के फेर का वर्णन। समय को बलवान क्यों कहते हैं। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी