निर्मला, प्रेमचंद की कहानी में, अपने घर के झंझटों के बावजूद कृष्णा के विवाह का निमंत्रण पाने पर अपने माता-पिता के आग्रह पर विवाह स्थल पर जाती है। कृष्णा का विवाह उसी घर में हो रहा है जहां पहले निर्मला का विवाह तय हुआ था, और इस बार बिना दहेज के विवाह होने का आश्चर्य है। निर्मला को कृष्णा की चिंता होती है, क्योंकि वह जानती है कि कृष्णा भी किसी के गले मढ़ दी जाएगी। विवाह के एक महीने पहले, वकील साहब स्टेशन तक उसे छोड़ने आते हैं, लेकिन निर्मला को उनकी स्थिति का ख्याल रखते हुए साथ चलने की अनुमति नहीं होती। निर्मला की माता उसकी स्थिति को लेकर चिंतित होती हैं जब वह निर्मला को पहले से भी अधिक कमजोर और दुखी देखती हैं। कृष्णा हंसकर बताती है कि वहाँ मालकिन होने के कारण उसे चिंता रहती थी कि खाना कब खाए। निर्मला की माता यह जानकर हैरान होती हैं कि निर्मला ने रुपये भेजे हैं, जबकि निर्मला खुद इसकी पुष्टि नहीं करती। इस बात पर चर्चा होती है कि रुपये किसने भेजे और इसका स्रोत क्या है, लेकिन निर्मला को इस पर विश्वास नहीं है। कहानी में दहेज, विवाह और पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं को दर्शाया गया है। निर्मला अध्याय 8 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 19.3k 9.4k Downloads 19.7k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस्या उठाई है और बहुसंख्यक मध्यमवर्गीय हिन्दू समाज के जीवन का बड़ा यथार्थवादी मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया है। तोताराम दो पुत्रों के विरह से संतप्त होकर सियाराम को ढूँढ़ने निकल पड़ते हैं। उधर भुवन मोहन निर्मला को अपने प्रेम-पाश में फाँसने की चेष्टा करता है Novels निर्मला प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस... More Likes This Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी