"पंचतंत्र" की इस कहानी में एक चालाक कौआ और एक बाज का सामना होता है। कौआ, जो मेहनत के बिना खाने की तलाश में है, सोचता है कि अगर वह बाज की तरह ऊँची उड़ान भरे और झपट्टा मारे, तो वह भी खरगोशों का शिकार कर सकता है। एक दिन, कौआ ने ऊँची उड़ान भरने का प्रयास किया और खरगोश को पकड़ने के लिए झपट्टा मारा। लेकिन कौआ बाज की तुलना में कमजोर होता है, और खरगोश उसे देख कर भाग जाता है। इस घटना से यह सीख मिलती है कि नकल करना और बिना मेहनत के सफलता पाने की कोशिश अक्सर असफलता का कारण बनती है। भाग-४ - पंचतंत्र MB (Official) द्वारा हिंदी बाल कथाएँ 6.3k 8k Downloads 16.4k Views Writen by MB (Official) Category बाल कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Part - 4 Panchtantra Novels पंचतंत्र एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बीसीयों हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था, बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी। सब उसका आदर करते ‘ताऊ' कहकर बुलाते थे... More Likes This सिया का सपना द्वारा Vandna Sharma હું રમતી હતી ઓટલે - પ્રકરણ 1 द्वारा yogina patel काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 द्वारा Sangeet kumar राहें - 4 द्वारा shiromani mathur नक्षत्र यात्री - 1 द्वारा mamta The Great Gorila - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अमित की अनोखी दुनिया - 1 द्वारा Chhaya Dubey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी