कहानी में भानु प्रताप सिंह, जो क्षेत्र का एक प्रभावशाली नेता है, अपने समर्थकों को चुनाव में वोट देने के लिए दबाव डालता है। वह अपनी पार्टी के लिए वोट जुटाने के लिए पैसे वसूलता है और क्षेत्र के लोगों के बीच अपनी शक्ति बनाए रखता है। भानु की चार राशन की दुकानें और मिट्टी के तेल के डिपो हैं, जिससे वह अच्छी कमाई करता है। उसकी शासकीय संपर्कों के चलते कोई भी उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता। कहानी में एक बैठक का भी वर्णन है, जहां भानु अपने कार्यकर्ताओं को वोट हासिल करने के लिए विभिन्न रणनीतियों का प्रशिक्षण देता है। वह झुग्गी बस्तियों में जाकर वहाँ के निवासियों को डराता है और उन्हें यह समझाता है कि उनकी सुरक्षा केवल उसकी पार्टी के सत्ता में रहने से ही संभव है। सुखिया, जो मजदूरी करके अपना घर चलाता है, भानु के प्रभाव में है और उसे भी वोट देने के लिए कहा जाता है। कहानी में भानु के भ्रष्टाचार, धौंस और सत्ता के दुरुपयोग को उजागर किया गया है। मुनिया Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 80.6k 3.5k Downloads 10.6k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण राजनीति का घिनौना सच More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी