कहानी "जादुई चिराग- गूगल के स्थापक" में बताया गया है कि आज की दुनिया में किसी भी जानकारी को आसानी से और जल्दी से प्राप्त किया जा सकता है, और यह सब 'गूगल' के कारण संभव हो पाया है। गूगल की स्थापना ४ सितंबर १९९८ को लोरेन्स 'लैरी' पेज और सर्गी ब्रिन ने की थी। लैरी पेज का जन्म २६ मार्च १९७३ को मिशिगन में हुआ था, और उनके परिवार में कंप्यूटर विज्ञान का गहरा प्रभाव था। उन्होंने अपने बचपन में ही कंप्यूटर में रुचि विकसित की थी और १२ वर्ष की उम्र में कंपनी खोलने का सपना देखा था। लैरी ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर और स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। उनके विचारों को प्रेरित करने में टेरी विनोग्राड का योगदान था, और इस दौरान सर्गी ब्रिन भी उनके साथ जुड़े। इस प्रकार, गूगल एक महत्वपूर्ण वेब एप्लीकेशन के रूप में विकसित हुआ, जिसे आज दुनिया भर में जाना जाता है। जादुई चिराग गूगल के स्थापक Paru Desai द्वारा हिंदी पत्रिका 7.8k 3.3k Downloads 12.4k Views Writen by Paru Desai Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गूगल- नाम तो जानते ही है इस गूगल के स्थापक के बारे भी कुछ जानना चाहते हो ना तो पढ़िए जादुई चिराग गूगल के स्थापक के बारे भी More Likes This Rajkumar - 2 द्वारा Ram Make Hero - 8 द्वारा Ram Make Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta जब पहाड़ रो पड़े - 1 द्वारा DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी